कल यानी की शनिवार को पूरे देश में बड़ी ही धूमधाम से विजयदशमी मनाई जायेगी। वहीं एमपी में विजयादशमी पर पहली बार परम्परा बदलने जा रही है। आपबको बता दें कि, अब तक जिला और तहसील मुख्यालय पर अफसर ही शस्त्र पूजन किया करते थे। इस बार दशहरे पर प्रदेश के जनप्रतिनिधि शस्त्रों की पूजन करेंगे।
सीएम महेश्वर में शस्त्र पूजन करेंगे
मिली जानकारी के अनुसार, सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महेश्वर में आयोजित शस्त्र पूजन समारोह का हिस्सा बनेंगे। वहीं एमपी के मंत्री प्रभार वाले जिलों में शस्त्र पूजन करेंगे। आपको बता दें कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24 सितंबर को आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान फैसला लिया गया था।
सरकार आरएसएस का एजेंड लागू कर रही है
वहीं डॉ. मोहन यादव कैबिनेट के फैसले पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल के अनुसार, सरकार आरएसएस का एजेंड लागू कर रही है। शिक्षा के बाद अब धर्म में भी आरएसएस की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं कांग्रेस के बयान पर बीजेपी ने भी पलटवार करते हुए कहा कि, शस्त्र और शास्त्र भारत की संस्कृति है। शस्त्र रखो और शास्त्र भी रखो की विचारधारा का स्वागत होना चाहिए। बीजेपी ने कहा कि, पुरानी परंपरा अनुसार दशहरे वाले दिन जिला मुख्यालय पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शस्त्र की पूजा करते थे।
शस्त्र पूजन की बदल जायेगी परंपरा
दरअसल, दशहरे पर शस्त्र पूजन में भगवान श्री राम और मां काली के मंत्रों का जाप होता है। बता दें कि, पूजा के लिए शस्त्रों को गंगाजल से शुद्ध कर साफ किया जाता है। शस्त्र पूजा के बाद हर्ष फायर भी किए जाते हैं। वहीं इस बार दशहरे से परम्परा बदल जायेगी। अब अधिकारी नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि शस्त्रों की पूजन करेंगे।
दशहरे पर शस्त्र पूजन का विधान है
बता दें कि, विजयादशमी को दशहरा भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, 12 अक्तूबर 2024 को दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। दशहरे पर शस्त्र पूजन का भी विधान है। बता दें कि, भारत में दशहरा को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसके साथ ही विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ लंका पति रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ का पुतला भी जलाया जाता है।
Comments (0)