राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले नियमित यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से 15 अगस्त, 2025 को FASTag वार्षिक पास सुविधा शुरू की गई थी। इसका लक्ष्य था उन यात्रियों को दीर्घकालिक लाभ देना, जिनकी आवाजाही नियमित रूप से टोल प्लाज़ाओं से होती है। शुरुआत में इसे प्रयोगात्मक रूप में लागू किया गया था, लेकिन कुछ ही महीनों में इसके यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ना शुरू हो गई। यह योजना डिजिटल इंडिया की दिशा में टोल प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
छह महीनों में 26 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन
FASTag वार्षिक पास योजना की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि सिर्फ छह महीनों में ही 26 करोड़ से अधिक लेनदेन पूरे हो चुके हैं। यह आंकड़ा न केवल डिजिटल टोलिंग की स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि यात्रियों की इस नई सुविधा पर बढ़ती निर्भरता को भी प्रकट करता है। इससे टोल प्लाज़ाओं पर प्रतीक्षा समय कम हुआ है, वाहनों की गति में सुधार आया है और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात नियंत्रण अधिक सुव्यवस्थित हुआ है।
50 लाख से अधिक यूजर्स—योजना की व्यापक लोकप्रियता का संकेत
FASTag वार्षिक पास यूजर्स की संख्या 50 लाख के पार पहुँच चुकी है, जो कि अपनी शुरुआत के इतने कम समय में बेहद प्रभावशाली है। यह दर्शाता है कि यह सुविधा आम नागरिकों, व्यावसायिक वाहनों, नियमित यात्रियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है। इस सुविधा से यात्रियों को सालभर के लिए टोल भुगतान का निश्चित लाभ मिलने के साथ-साथ डिजिटल लेनदेन की पारदर्शिता भी सुनिश्चित होती है।
यात्रियों के लिए बड़े फायदे और सुविधाजनक यात्रा अनुभव
वार्षिक पास सुविधा से यात्रियों को नियमित टोल भुगतान की समस्या से निजात मिलती है और उन्हें एकमुश्त भुगतान सुविधा मिलती है, जो आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित होती है। इससे कैशलेस भुगतान को बढ़ावा मिला है और टोल प्लाज़ाओं पर होने वाली भीड़ में कमी दर्ज की गई है। यात्रा के दौरान बार-बार भुगतान करने की परेशानी घटने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा और अधिक सहज एवं तनावमुक्त हुई है।
डिजिटल टोलिंग को मिली गति, भविष्य में और बड़े सुधार संभव
FASTag वार्षिक पास की सफलता ने यह संकेत दे दिया है कि भारत की डिजिटल टोलिंग प्रणाली वैश्विक स्तर पर अपना मजबूत स्थान बना रही है। आने वाले समय में सरकार इस सुविधा को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम उठा सकती है ताकि और अधिक यात्रियों को इस योजना से जोड़ा जा सके। इसके साथ ही नई तकनीकों और प्रणाली सुधारों के माध्यम से राजमार्ग यात्रा को और सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी कार्य जारी रहेगा।
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