शुक्रवार (2 जून) की शाम को ओडिशा के बालासोर में एक दुखद रेल हादसा हुआ। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई। इस हादसे पर अब केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्थिति की कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में जानकारी के लिए बैठक बुलाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस त्रासदी में 288 लोग मारे गए हैं और 900 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
NDRF की 9 टीमें मौके पर मौजूद
आपदा स्थल पर, एनडीआरएफ, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, राज्य आपदा राहत बल और सेना चिकित्सा कोर बचाव और राहत कार्य कर रहे हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक आज सुबह (3 जून) घटनास्थल का दौरा कर चुके हैं और रेल मंत्री ने इस त्रासदी की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच का अनुरोध किया है। एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल के मुताबिक, दुर्घटनास्थल पर एनडीआरएफ की 9 टीमें मौके पर मौजूद हैं। अतुल करवाल ने बताया घटना के सवा घंटे के भीतर एनडीआरएफ का पहला दल वहां पहुंचा।
बालासोर में रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म
ओडिशा के बालासोर में रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो चुका है। रेलवे के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने कहा, पीएम खुद घटनास्थल का दौरा करेंगे। दो एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी इस हादसे में शामिल हैं। कटक, बालासोर और घटनास्थल के लिए तीन टीम गठित की गई हैं। 39 ट्रेन डायवर्ट रूट से शुरू की गई है। जो जिम्मेदार है उसपर कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट का इंतजार है।
रक्तदान कर रहे हैं स्थानीय
बालासोर रेल हादसे में घायलों की मदद के लिए लोग जिला अस्पताल में रक्तदान करने पहुंच रहे हैं। रक्तदान करने आए एक व्यक्ति ने कहा, “लोगों की स्थिति बहुत नाजुक है, कई लोग ऐसे हैं जिनके पैर-हाथ नहीं है। मैंने रक्तदान किया जिससे किसी की जान बच सके और वे अपने घर जा सके।“
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