एलन मस्क की कंपनी X के AI टूल Grok को लेकर हाल ही में गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतों में दावा किया गया है कि इस AI टूल का इस्तेमाल महिलाओं की आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें बनाने के लिए किया जा रहा है। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी से जवाब मांगा था, लेकिन सरकार को दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं लगा।
जवाब से असंतुष्ट आईटी मंत्रालय
सरकारी सूत्रों के अनुसार 2 जनवरी को भेजे गए नोटिस के जवाब में X ने कहा कि वह भारतीय कानूनों और प्लेटफॉर्म नीतियों का पालन करता है। हालांकि मंत्रालय इस बात से नाराज़ है कि कंपनी यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि अब तक कितने आपत्तिजनक कंटेंट हटाए गए और Grok AI के एल्गोरिदम में ऐसी सामग्री को रोकने के लिए क्या ठोस तकनीकी बदलाव किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि केवल नीतियों का हवाला देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ठोस कार्रवाई और आंकड़ों की जरूरत है।
सेफ हार्बर खत्म होने का खतरा
सरकार ने X को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसने समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो IT Act की धारा 79 के तहत मिलने वाली ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा वापस ली जा सकती है। इस सुरक्षा के हटते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद गैरकानूनी कंटेंट के लिए X और उसके वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी तय होगी, जिससे आपराधिक कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
महिलाओं की गरिमा और निजता पर हमला
सरकार का मानना है कि Grok AI के जरिए महिलाओं की तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप में बदलना उनकी निजता का गंभीर उल्लंघन है। शिकायतों में यह भी सामने आया है कि सामान्य तस्वीरें पोस्ट करने वाली महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक सुरक्षा पर गहरा असर पड़ रहा है। मंत्रालय ने इसे महिलाओं की गरिमा पर सीधा प्रहार बताया है।
तकनीकी जवाबदेही की मांग
आईटी मंत्रालय ने X को निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द एक विस्तृत ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ सौंपे। सरकार यह जानना चाहती है कि प्लेटफॉर्म ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-सी तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। सरकार का रुख साफ है कि AI की आज़ादी के नाम पर कानून और सामाजिक जिम्मेदारी से समझौता नहीं किया जा सकता।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है सख्ती
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि X सरकार की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता, तो यह मामला मिसाल बन सकता है। आने वाले समय में अन्य सोशल मीडिया और AI प्लेटफॉर्म्स पर भी निगरानी और सख्ती बढ़ने की संभावना है। सरकार साफ कर चुकी है कि महिलाओं की सुरक्षा और डिजिटल स्पेस की शुचिता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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