नई दिल्ली. देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर आक्रामक तेवर दिखा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान समेत 16 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 30 अगस्त को उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक और तेलंगाना में बारिश की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने के आसार हैं। मौसम के इस बदले मिजाज के बीच निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे चित्रकूट में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। करीब 18 घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी उफान पर है और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चित्रकूट के अलावा सतना, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना जिलों में भी भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति सामने आई है। नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर काफी बढ़ने के बाद घाटों के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी सक्रिय हैं।
बिहार में गंगा और गंडक का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा
बिहार में भी लगातार बारिश और नेपाल में बाढ़ के बाद नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण राज्य के 6 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से दीघा घाट का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है और लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पटना, गया, भोजपुर, सिवान, वैशाली, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
यूपी के कई जिलों में बारिश और जलभराव का खतरा
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर व्यापक दिखाई दे रहा है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। रविवार को प्रयागराज, वाराणसी, उन्नाव, गोरखपुर, देवरिया, सोनभद्र, कुशीनगर, मिर्जापुर, मथुरा, आगरा, गाजियाबाद और मेरठ समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। उन्नाव में पिछले 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद शहर के निचले हिस्सों में पानी पहुंच गया। कुछ स्थानों पर सड़कों पर जलभराव इतना बढ़ गया कि लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के बीच प्रशासन और स्थानीय लोगों को जलस्तर बढ़ने वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत पहाड़ी राज्यों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सड़क संपर्क और स्थानीय आवाजाही प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान ढलानों पर अचानक मलबा आने और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका रहती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी उत्तर-पश्चिमी राज्यों के साथ मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर नजर रखने की जरूरत है।
दिल्ली-NCR में फिर बदल सकता है मौसम
दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों से बारिश पर ब्रेक लगा हुआ था, जिसके कारण तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी और उमस का असर महसूस किया जा रहा था। अब मौसम विभाग ने रविवार को क्षेत्र में बारिश की संभावना जताई है, जिससे राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी बारिश होने की संभावना है। बारिश होने पर तापमान में कुछ गिरावट आने और लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि तेज बारिश की स्थिति में स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की समस्या भी सामने आ सकती है।
सितंबर के पहले सप्ताह में भी बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह में भी देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण मध्य भारत और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज रह सकती हैं। मौजूदा परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसे जोखिमों को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी। मौसम की बदलती परिस्थितियों के बीच स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना और नदी, नाले तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना लोगों के लिए सबसे सुरक्षित कदम रहेगा।