नई दिल्ली. देश में इस वर्ष गर्मी ने समय से पहले ही अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अप्रैल माह में ही कई स्थानों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि आने वाले महीनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू का व्यापक असर
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से में अगले तीन दिनों तक लू की स्थिति बनी रहेगी। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ क्षेत्र, बिहार और गुजरात में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ रहा है।
देश के कई शहर बने ‘भट्ठी’, तापमान 45 डिग्री के करीब
विभिन्न मौसम प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के अनुसार देश के कई शहर इस समय अत्यधिक गर्मी झेल रहे हैं। झांसी, ओरछा और बालनगीर जैसे शहर सबसे अधिक गर्म स्थानों में शामिल हैं। राजधानी क्षेत्र और पश्चिम भारत के शहरों में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है, जबकि नागपुर जैसे शहरों में यह 42 डिग्री तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिन के समय यह तापमान और बढ़ सकता है।
दुनिया के सबसे गर्म शहरों में भारत का दबदबा
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 95 शहर भारत में स्थित हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस समय भारत वैश्विक स्तर पर भीषण गर्मी के केंद्र में है। मध्य भारत से लेकर गंगा के मैदानी क्षेत्रों तक तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में संकट गहरा रहा है।
लू से जनजीवन प्रभावित, स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
भीषण गर्मी के कारण लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में अत्यधिक गर्मी के कारण पक्षियों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
आहार और दिनचर्या में सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय तली-भुनी और मसालेदार चीजों से बचना चाहिए और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। शरीर को ठंडा रखने के लिए हल्के कपड़े पहनना और सीधे धूप में निकलने से बचना जरूरी है। यह सावधानियां लू के खतरे को कम करने में मदद कर सकती हैं।
रात का तापमान भी बढ़ा, राहत की उम्मीद कम
मौसम विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही है। साफ आसमान, तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण यह स्थिति बनी हुई है और निकट भविष्य में इसमें बहुत अधिक सुधार की संभावना नहीं दिखाई दे रही है।