नई दिल्ली. भारत सरकार ने वर्ष 2026 में पासपोर्ट सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए e-Passport व्यवस्था लागू की है। इस नए पासपोर्ट में एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोचिप लगाई जा रही है, जिसमें आवेदक की बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रूप से स्टोर रहेगी। इससे एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सुरक्षित हो जाएगी। साथ ही फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों के दुरुपयोग की संभावना भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस वेरिफिकेशन में डिजिटल क्रांति
पासपोर्ट जारी होने में सबसे अधिक समय लेने वाली प्रक्रिया पुलिस वेरिफिकेशन मानी जाती थी, लेकिन अब इसमें भी बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने mPassport Police App के जरिए इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है। अब पुलिस अधिकारियों को कागजी फाइलों के बजाय मोबाइल एप आधारित सत्यापन प्रणाली उपलब्ध कराई गई है, जिससे रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाला समय काफी कम हो गया है। पहले जहां इस प्रक्रिया में दो से तीन सप्ताह लग जाते थे, वहीं अब इसे पांच दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
DigiLocker से खत्म हुई कागजी झंझट
नई व्यवस्था में DigiLocker को भी पासपोर्ट सेवा से मजबूती से जोड़ा गया है। अब आवेदकों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, मार्कशीट और अन्य दस्तावेजों की फिजिकल कॉपी लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजिटल डॉक्यूमेंट्स को सीधे ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि दस्तावेजों के खोने या गलत अपलोड होने जैसी समस्याएं भी कम होंगी। सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और पेपरलेस बनाना है।
छोटे शहरों तक पहुंचीं पासपोर्ट सेवाए
पासपोर्ट सेवाओं को बड़े शहरों से बाहर ले जाने के लिए Post Office Passport Seva Kendras का तेजी से विस्तार किया गया है। अब छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए महानगरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नजदीकी डाकघर केंद्रों पर ही बायोमेट्रिक, दस्तावेज सत्यापन और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा सकेंगी। इससे आम नागरिकों की लागत और समय दोनों की बचत होगी।
वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही भारतीय पासपोर्ट की पहचान
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय पासपोर्ट की स्थिति लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। Henley Passport Index 2026 में भारत की रैंकिंग में सुधार दर्ज किया गया है। इससे भारतीय नागरिकों को कई देशों में वीजा ऑन अराइवल और वीजा-फ्री यात्रा जैसी सुविधाओं का लाभ मिलने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सुरक्षा और आधुनिक पहचान प्रणाली भारतीय पासपोर्ट की विश्वसनीयता को और मजबूत करेगी।
पूरी आवेदन प्रक्रिया हुई ऑनलाइन
अब पासपोर्ट आवेदन की लगभग पूरी प्रक्रिया Passport Seva Portal पर आधारित हो गई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, अपॉइंटमेंट बुकिंग, दस्तावेज अपलोड, फीस भुगतान और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी सभी सुविधाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई गई हैं। इससे लंबी कतारों और अनावश्यक देरी से राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में पासपोर्ट सेवा को और अधिक तेज और नागरिक अनुकूल बनाया जाएगा।