जयपुर: राजधानी जयपुर में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण और निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसे ‘ऑपरेशन 80 फीट’ नाम दिया गया है। इस कार्रवाई के तहत शहर के कई इलाकों में अवैध निर्माणों और कुछ धार्मिक स्थलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कई क्षेत्रों में रास्तों को सील कर दिया गया है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने एहतियातन आधे शहर में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।
अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन का बड़ा अभियान
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के निर्देश पर 8 जून 2026 से शहर के कई हिस्सों में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के तहत कुछ धार्मिक स्थलों समेत अवैध निर्माणों को हटाने की योजना है। प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से चल रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है ताकि शहर में यातायात और सार्वजनिक स्थानों का सुचारु उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
पांच धार्मिक स्थलों के आसपास कड़ी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार अभियान के दौरान जिन इलाकों में कार्रवाई हो रही है, वहां एक मंदिर, दो मस्जिद, एक मजार और एक अन्य धार्मिक संरचना शामिल हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में एंटी-एन्फोर्समेंट टीमों की तैनाती की है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
भारी पुलिस बल तैनात, इलाके में लगाए गए टेंट
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जयपुर समेत अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने टेंट लगाकर अस्थायी नियंत्रण केंद्र बनाए हैं, जहां अधिकारी लगातार मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि यह अभियान एक से दो दिन तक चल सकता है और पूरी कार्रवाई समाप्त होने तक सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।
इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं अस्थायी रूप से बंद
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। संभागीय आयुक्त वी. सरवन कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कार्रवाई के दौरान अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के फैलने की आशंका रहती है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी कारण इंटरनेट सेवाएं कुछ क्षेत्रों में बंद की गई हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
अफवाहों पर रोक के लिए प्रशासन सतर्क
प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की गलत सूचना, वीडियो या पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल सकती है, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट बंद करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।