नई दिल्ली : जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची (Sanae Takaichi) बुधवार (1 जुलाई, 2026) को अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंच गई हैं। जापानी प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 1 से 3 जुलाई तक आयोजित होने वाले '16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेने आई हैं।
दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर उनके आगमन की तस्वीरें साझा करते हुए इसे दोनों देशों की 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
पीएम मोदी ने किया आत्मीय स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी पीएम का भारत में स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा: "भारत में आपका बहुत-बहुत स्वागत है, प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची। आपकी पहली भारत यात्रा पर हमारी मेजबानी से बेहद खुशी हो रही है। मैं दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करने के लिए व्यापक चर्चा को लेकर उत्सुक हूं। हमारे संयुक्त प्रयासों से हम भारत-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे भी शांति, स्थिरता और समृद्धि को आगे बढ़ाते रहेंगे।"
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी मीडिया एडवाइजरी के मुताबिक, प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची गुरुवार को हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगी, जहां दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और द्विपक्षीय सहयोग के कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
हरियाणा में मारुति सुजुकी के नए मेगा प्लांट का उद्घाटन
इस दौरे का एक मुख्य आकर्षण हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के नए कारखाने का उद्घाटन है। गुरुवार को पीएम मोदी और जापानी पीएम संयुक्त रूप से इस विशाल प्लांट का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र में हाल के वर्षों का यह सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है, जो भारत-जापान आर्थिक साझेदारी में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।
खरखौदा प्लांट की खास बातें:
चौथा प्लांट: गुरुग्राम, मानेसर और गुजरात के बाद खरखौदा में मारुति सुजुकी का यह भारत में चौथा प्लांट होगा।
विशाल क्षेत्र: यह कारखाना करीब 800 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है, जिसमें एक 'इंटीग्रेटेड सप्लायर पार्क' भी शामिल है ताकि उत्पादन व्यवस्था को और अधिक कुशल बनाया जा सके।
10 लाख कारों का उत्पादन: इस प्लांट के पूरी तरह से चालू होने के बाद सालाना करीब 10 लाख गाड़ियां बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बड़ा निवेश: मारुति सुजुकी भारत में अपने उत्पादन विस्तार के लिए कुल 35,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।
रोजगार की बौछार: इस प्रोजेक्ट के पूरी तरह तैयार होने से 21,000 से अधिक लोगों को सीधे (Direct Job) और हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मेगा प्रोजेक्ट से न केवल मारुति सुजुकी की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि हरियाणा भी देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल हब के रूप में और मजबूती से उभरेगा।