कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता की लड़ाई अब अपने अंतिम और सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। 29 अप्रैल को राज्य की 142 सीटों पर दूसरे व अंतिम चरण का मतदान होना है, जिसके लिए प्रचार का शोर 27 अप्रैल को थम जाएगा। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए 'इंडिया गठबंधन' के प्रमुख साथी मैदान में उतर आए हैं।
केजरीवाल का 'रविवार' प्रचार और ममता से मुलाकात
आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार यानी आज कोलकाता पहुँच रहे हैं। वह शाम 5 बजे बालीगंज से टीएमसी उम्मीदवार शोभनदेव चट्टोपाध्याय के समर्थन में तिलजला रोड स्थित गुरु रविदास पार्क के पीछे एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात कर सकते हैं। वह 26 और 27 अप्रैल को राज्य में कई चुनावी कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे।
तेजस्वी और हेमंत सोरेन का शनिवार से ही मोर्चा
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव और झारखंड के मुख्यमंत्री हमत सोरेन ने शनिवार से ही कमान संभाल ली है। तेजस्वी यादव ने बराहनगर में सायंतिका बनर्जी के लिए हुंकार भरी और उत्तर कोलकाता के जोड़ासांको व रासबिहारी इलाकों में चुनावी रैलियां कीं।
वहीं, झारखंड के सीएम हेंमत सोरेन ने हुगली जिले के चन्दननगर और श्रीरामपुर में टीएमसी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया। उन्होंने श्रीरामपुर में तन्मय घोष के समर्थन में आयोजित जनसभा में भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
142 सीटों पर टिका है बंगाल का भविष्य
29 अप्रैल को होने वाला यह चुनाव बंगाल के भविष्य के लिए काफी अहम है। पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार विपक्षी नेताओं का ममता बनर्जी के साथ इस तरह कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होना नई राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है। 27 तारीख को प्रचार खत्म होने से पहले टीएमसी अपनी पूरी ताकत झोंक देना चाहती है।