जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात भारी वर्षा के कारण एक जलविद्युत परियोजना स्थल के पास भूस्खलन की घटना हुई। यह घटना डंगडूरू क्षेत्र के समीप हुई, जहां अचानक हुए भूस्खलन के कारण दो श्रमिक मलबे में फंस गए। प्रशासन और बचाव दल द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान एक श्रमिक को मृत अवस्था में बाहर निकाला गया, जबकि दूसरे घायल श्रमिक को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया। इस घटना ने क्षेत्र में कार्यरत परियोजना कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता की स्थिति पैदा कर दी।
सिंथन टॉप पर भारी हिमपात से फंसे यात्री
इसी दौरान जिले के उच्च पर्वतीय क्षेत्र सिंथन टॉप में भारी हिमपात के कारण कई वाहन मार्ग में फंस गए। यह मार्ग जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले से जोड़ता है और सर्द मौसम में यहां अक्सर कठिन परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण सड़क पर यातायात बाधित हो गया और कई वाहन आगे बढ़ने में असमर्थ हो गए, जिससे उनमें सवार यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा।
संयुक्त बचाव अभियान में 235 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, सेना और नागरिक प्रशासन ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया। इस अभियान के दौरान कुल 38 वाहनों में सवार 235 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। बचाए गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। कठिन मौसम और बर्फीली हवाओं के बावजूद बचाव दलों ने निरंतर प्रयास करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालने में सफलता प्राप्त की।
खराब मौसम के कारण शिक्षण संस्थान बंद
क्षेत्र में लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए नगर सीमा से बाहर स्थित सभी शिक्षण संस्थानों को सोमवार के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। यह निर्णय किश्तवाड़ और इसके पड़ोसी डोडा जिले में लिया गया है ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन की सतर्कता और राहत कार्य जारी
स्थानीय प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत व बचाव दल तैनात किए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलने के कारण प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील भी की है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार हैं।
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