उत्तर प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से रविवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। प्रदेश के तराई और पश्चिमी हिस्सों में कई जगह बूंदाबांदी के साथ धूलभरी आंधी चली और कुछ समय के लिए आसमान काले बादलों से ढक गया। मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर के साथ ही एनसीआर के गाजियाबाद और नोएडा समेत लखनऊ सहित करीब 15 शहरों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
रविवार को सबसे अधिक बारिश मुजफ्फरनगर में 8.2 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा मेरठ में 5.1 मिमी, बरेली में 2.5 मिमी और बिजनौर में करीब 2 मिमी बारिश हुई। तराई के कई अन्य जिलों में भी हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली।
42 जिलों में बारिश और कई जगह ओलावृष्टि की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों समेत करीब 42 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 17 जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
खेती पर असर, तापमान में गिरावट से राहत
बारिश और तेज हवाओं का असर खेती पर भी पड़ा है। कई इलाकों में खड़ी फसलें झुक गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और बढ़ती गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है।
दो दिन तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो रही है। अगले दो दिनों तक पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर ओले भी गिर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 19 मार्च के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश के मौसम पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।
इन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना
आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और अंबेडकर नगर समेत आसपास के इलाकों में ओले गिरने की संभावना है।
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