मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर शुरू हुआ विरोध अब हिंसा में बदल गया है। कालियाचक इलाके में उग्र भीड़ ने न्यायाधीशों के काफिले को निशाना बनाते हुए जमकर पत्थरबाजी की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घेराव से रेस्क्यू तक: रात भर चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
बुधवार सुबह से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कालियाचक-2 बीडीओ कार्यालय को घेर लिया गया, जहां 7 न्यायिक अधिकारी घंटों फंसे रहे। स्थिति बिगड़ने पर देर रात पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
काफिले पर हमला, 100+ वाहन क्षतिग्रस्त
राहत अभियान के दौरान ही भीड़ ने पुलिस और न्यायाधीशों के काफिले पर हमला कर दिया।
- पत्थर और ईंटों से ताबड़तोड़ वार
- बांस की लाठियों से रास्ता रोकने की कोशिश
- 100 से ज्यादा वाहनों के शीशे चकनाचूर
SIR विवाद बना हिंसा की जड़
बताया जा रहा है कि सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटाए जाने के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे। चुनाव आयोग ने अपील के लिए ट्रिब्यूनल की बात कही थी, लेकिन प्रक्रिया शुरू न होने से नाराजगी और बढ़ गई।
चुनाव आयोग सख्त, रिपोर्ट तलब
घटना के बाद चुनाव आयोग ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी है।
सियासत गरम
- विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए
- सत्ताधारी दल ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया
मालदा की यह हिंसा साफ संकेत देती है कि चुनावी प्रक्रिया में अविश्वास और प्रशासनिक देरी किस तरह हालात को विस्फोटक बना सकती है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर सकता है।