मुंबईः हफ्ते के कारोबार की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर रही। शुरुआती सत्र में ही बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया और बाजार में घबराहट का माहौल बन गया।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार का संतुलन बिगड़ गया। बड़े शेयरों में बिकवाली के चलते इंडेक्स पर सीधा असर पड़ा।
वैश्विक संकेतों और घरेलू कारणों का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और घरेलू स्तर पर बढ़ती आर्थिक चिंताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। इसके अलावा महंगाई और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी निवेशकों को सतर्क बना रही है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। कई शेयरों में 3 से 5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे रिटेल निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अस्थिरता के दौर में निवेशकों को घबराने के बजाय सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए और जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहिए।