कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘मछली’ को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बड़ा ऐलान किया है। इस मुद्दे ने सांस्कृतिक पहचान और राजनीति के बीच नई बहस छेड़ दी है।
ममता का बयान बना विवाद की जड़
हाल ही में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बंगाल की संस्कृति में मछली के महत्व को लेकर बयान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें राज्य की पारंपरिक खान-पान संस्कृति में दखल देने की कोशिश कर रही हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया।
अमित शाह का पलटवार
ममता के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा, “भारत विविधताओं का देश है और यहां की हर संस्कृति का सम्मान किया जाएगा। संस्कृति से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य की परंपराओं के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी और लोगों को अपनी पसंद का खान-पान अपनाने की पूरी आजादी है।
मछली पर बड़ा ऐलान क्या है?
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में स्थानीय खाद्य परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू करेगी। इसमें मछली पालन और उससे जुड़े उद्योगों को भी प्रोत्साहन देने की बात कही गई है, ताकि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके और सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित रहे।
राजनीतिक घमासान तेज
इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। तृणमूल नेताओं का कहना है कि भाजपा केवल चुनावी फायदे के लिए सांस्कृतिक मुद्दों को उठा रही है, जबकि बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि वह हमेशा से भारतीय संस्कृति और विविधता की रक्षा के पक्ष में रही है।