ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने साफ कहा है कि लेबनान में सीजफायर लागू होने तक किसी भी तरह की बातचीत शुरू नहीं की जाएगी।
ईरानी डेलिगेशन इस्लामाबाद पहुंचा
उन्होंने यह भी मांग रखी कि ईरान के फ्रीज किए गए फंड पहले जारी किए जाएं। गालिबाफ के मुताबिक, इन दोनों मुद्दों का समाधान वार्ता से पहले होना जरूरी है। इस बीच, इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच एक अहम बैठक प्रस्तावित है।गालिबाफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के अधिकारियों से बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुका है।
वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी बातचीत के सिलसिले में पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह ईमानदारी से बातचीत करता है तो अमेरिका तैयार है, लेकिन किसी तरह का ‘खेल’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ट्रम्प बोले- डील नहीं हुई तो फिर हमला करेंगे
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जाएगा।