देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार बारिश का दौर जारी है। कई राज्यों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य भारत के ऊपर खासा सक्रिय है, जिसके चलते मध्य प्रदेश और गुजरात में तूफानी गतिविधियाँ और तेज वर्षा देखी जा रही हैं।
बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठा निम्न दबाव क्षेत्र और चक्रवातीय परिसंचरण अब छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश होते हुए राजस्थान की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम के चलते इन राज्यों में तेज हवाओं और भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है।
MP में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज
1 जून से 2 जुलाई 2025 तक पश्चिम मध्य प्रदेश में सामान्य से 68% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 33% अधिक है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि राज्य में मानसून अब और अधिक सक्रिय हो सकता है।
5 से 8 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग का कहना है कि 5 जुलाई से 8 जुलाई 2025 तक मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है। इस दौरान राज्य के मध्य और पूर्वी जिलों में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।
इन जिलों में रहेगी खास नजर
इन दिनों जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, रायसेन, भोपाल, विदिशा, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और अशोकनगर जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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