नासिक (महाराष्ट्र) | शुक्रवार रात महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। स्कूल के वार्षिक उत्सव (Annual Function) की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब एक कार अनियंत्रित होकर 40 फीट गहरे खुले कुएं में जा गिरी। इस भीषण हादसे में 6 मासूम बच्चों सहित एक ही परिवार के कुल 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
मंच पर थिरके थे पैर, रास्ते में थम गई सांसें
हादसे का शिकार हुए सभी बच्चे दिंडोरी के जनता इंग्लिश स्कूल के छात्र थे। शुक्रवार शाम स्कूल का वार्षिक कार्यक्रम था, जिसमें इन बच्चों ने 'मऊली मऊली' और देशभक्ति गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुति दी थी। अपनी प्रतिभा के लिए पुरस्कृत होने के बाद, ये बच्चे खुशी-खुशी सुनील नामक व्यक्ति की कार में सवार होकर घर लौट रहे थे। सुनील के साथ उनकी पत्नी रेशमा और उनकी बेटी राखी (चौथी कक्षा की टॉपर) भी कार में मौजूद थीं।
हादसे में जान गंवाने वाले बच्चे
राखी: चौथी कक्षा (क्लास टॉपर)
श्रद्धा: सातवीं कक्षा
सृष्टि: आठवीं कक्षा
श्रावणी और श्रेयस: पांचवीं कक्षा
समृद्धि: पहली कक्षा
प्रशासनिक लापरवाही और विवाद ने ली जान
परिजनों के मुताबिक, सुनील ट्रैफिक से बचने के लिए कार्यक्रम के तुरंत बाद बच्चों को लेकर निकल गए थे। रात करीब 10 बजे, अंधेरे के कारण कार अनियंत्रित हुई और सीधे सड़क किनारे स्थित 40 फीट गहरे कुएं में जा गिरी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह कुआं पिछले कई सालों से खुला पड़ा था। जमीन मालिक और नगर पंचायत के बीच चल रहे कानूनी विवाद के कारण इसे ढका नहीं गया था। प्रशासन ने कुछ समय पहले ही कुएं के बगल में कंक्रीट की सड़क बनाई थी, जिससे सड़क और कुएं की ऊंचाई बराबर हो गई थी। अंधेरे में किसी भी नए ड्राइवर के लिए यह भांप पाना नामुमकिन है कि वहां कोई गहरा गड्ढा या कुआं है। दिंडोरी थाना के पुलिस अधिकारी ने कहा कि- विवाद की वजह से कुआं खुला छोड़ दिया गया था। बाहरी व्यक्ति के लिए यह समझना मुश्किल है कि वहां मौत का जाल बिछा है। यह हादसा प्रशासन की अनदेखी का नतीजा है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना के बाद इलाके में तनाव और शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे पहले भी एक बाइक सवार इस कुएं में गिर चुका था, लेकिन फिर भी इसे नजरअंदाज किया गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन उन परिवारों का क्या, जिनकी दुनिया इस अंधेरे कुएं में समा गई?