भोपाल: राजा भोज एयरपोर्ट पर आने वाले समय में उड़ानों की संख्या बढ़ने की संभावना तेजी से मजबूत हो रही है। बढ़ती यात्री संख्या और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने एप्रन (विमान पार्किंग क्षेत्र) का बड़ा विस्तार करने का फैसला लिया है।
एयरपोर्ट पर 17 से बढ़कर 30 होंगे एप्रन
वर्तमान में एयरपोर्ट पर 17 एप्रन हैं, जिन्हें बढ़ाकर 30 एप्रन किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी करने की तैयारी है। अभी पीक आवर्स के दौरान विमानों की अधिक संख्या के चलते दबाव की स्थिति बन जाती है, लेकिन विस्तार के बाद यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी और एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी।
300 सीटर एयरबस भी पार्क हो सकेंगी
एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार, एप्रन विस्तार के बाद कोड-सी श्रेणी के बड़े विमानों की पार्किंग संभव हो सकेगी। इस श्रेणी में 300 से अधिक सीटों वाले बोइंग और एयरबस जैसे विमान शामिल हैं। इससे लंबी दूरी की उड़ानों के लिए रास्ता खुलेगा और भोपाल से सीधे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।उन्होंने बताया कि नए एप्रन बनने से विमानों में ईंधन भरना, सफाई और तकनीकी जांच जैसे कार्य अधिक व्यवस्थित और तेज़ी से हो सकेंगे, जिससे संचालन और भी सुचारु होगा।फिलहाल एयरपोर्ट पर 9 बड़े और 8 छोटे विमानों की पार्किंग क्षमता है, जबकि रोजाना 11 से 12 विमान पार्क हो रहे हैं, जिससे दबाव की स्थिति बनती है।
एप्रन विस्तार के मुख्य फायदे
एक समय में ज्यादा विमान खड़े हो सकेंगे, जिससे उड़ानों में देरी कम होगी।
नए स्लॉट मिलने से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करना आसान होगा।
बड़े विमानों की सुविधा मिलने से खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए सीधी उड़ानों की संभावना मजबूत होगी।
आपात स्थिति या डायवर्जन के दौरान आने वाले विमानों को पर्याप्त जगह मिल सकेगी।
लैंडिंग और पार्किंग शुल्क बढ़ने से एयरपोर्ट की आय में इजाफा होगा।
कुल मिलाकर, यह विस्तार न सिर्फ एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि भोपाल को देश और दुनिया के साथ बेहतर हवाई कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा।