NEET-UG प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई की जांच अब और तेज हो गई है। दो कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों की नजर अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA से जुड़े कई लोगों पर टिक गई है। इस मामले ने देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुणे के केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी गिरफ्तार
सीबीआई ने सबसे पहले पुणे के केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि कुलकर्णी पहले NTA के साथ काम कर चुके थे। एजेंसियों को शक है कि प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क में उनकी अहम भूमिका हो सकती है। कोर्ट ने कुलकर्णी को 10 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।
NTA की प्रश्नपत्र समिति की सदस्य थीं मनीषा मांढरे
शनिवार को सीबीआई ने बॉटनी शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मांढरे को भी गिरफ्तार कर लिया। मनीषा NEET-UG परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाली NTA की समिति की सदस्य थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर तैयार करने और उसे बाहर पहुंचाने के नेटवर्क में अंदरूनी मदद मिली हो सकती है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने भेजा CBI हिरासत में
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीषा गुरुनाथ मांढरे को 14 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। वहीं पीवी कुलकर्णी को 10 दिनों की हिरासत दी गई है। सीबीआई अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल पर भी जांच
सूत्रों के मुताबिक अब जांच एजेंसियों की नजर NEET-UG के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पूरे पैनल पर है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।