नई दिल्ली. देशभर में आयोजित होने जा रही नीट यूजी पुनर्परीक्षा को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने इस बार सुरक्षा और निगरानी के ऐसे मानक लागू किए हैं, जो पहले कभी देखने को नहीं मिले। हालिया परीक्षा विवादों और पेपर लीक जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में परीक्षा केंद्रों पर व्यापक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की चूक या अनियमितता की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
मॉकड्रिल के जरिए परखी जा रही व्यवस्थाओं की मजबूती
परीक्षा से पहले व्यापक स्तर पर मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है, जिसके माध्यम से सुरक्षा, निगरानी और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य संभावित कमियों को पहले ही पहचानकर उनका समाधान करना है। हालांकि सुरक्षा कारणों से मॉकड्रिल से जुड़ी अधिकांश जानकारियां गोपनीय रखी गई हैं और संबंधित विभागों को केवल उनके कार्यक्षेत्र से जुड़ी सूचनाएं ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता और विश्वसनीयता को बनाए रखने में सहायता मिल रही है।
हवाई मार्ग से पहुंचाए गए प्रश्नपत्र, सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी
इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रश्नपत्रों को भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के माध्यम से निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच मजबूत कक्षों में रखा गया। हेलीपैड से लेकर भंडारण केंद्र तक अर्धसैनिक बलों की निगरानी में प्रश्नपत्रों का परिवहन किया गया। परीक्षा के दिन भी इन्हें विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या लीक की आशंका समाप्त हो सके।
पहली बार एनटीए की घड़ियां और कैमरे करेंगे निगरानी
पुनर्परीक्षा में पहली बार ऐसा किया जा रहा है कि परीक्षा कक्षों में लगाई जाने वाली घड़ियां भी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं। इसका उद्देश्य सभी केंद्रों पर समय की एकरूपता सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एजेंसी द्वारा स्थापित विशेष कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फुटेज सीधे केंद्रीय नियंत्रण कक्ष तक पहुंच रही है। इससे परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर वास्तविक समय में निगरानी संभव हो रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सकती है।
तकनीक और निगरानी के सहारे पारदर्शिता पर विशेष जोर
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच के लिए आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की गई है। प्रवेश प्रक्रिया से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक प्रत्येक चरण को तकनीकी निगरानी के दायरे में रखा गया है। अधिकारियों की बैठकों, कर्मचारियों की ब्रीफिंग और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी केंद्रीय स्तर पर निगरानी की जा रही है। यह व्यवस्था केवल परीक्षा संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण प्रक्रिया की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक नया मानक स्थापित कर सकती है। लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में विश्वास बहाल करना राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यही कारण है कि इस बार सुरक्षा, तकनीक और प्रशासनिक समन्वय का ऐसा संयोजन देखने को मिल रहा है, जिसका उद्देश्य केवल एक है—हर अभ्यर्थी को निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराना।