लखनऊ/ललितपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को बुंदेलखंड के ललितपुर जिले को 1,766 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री पूर्वाह्न 11:30 बजे श्री तुवन मंदिर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में 221 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी भी मौजूद रहेंगे।
287 करोड़ रुपये के राजकीय मेडिकल कॉलेज का होगा लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 287 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण करेंगे। इससे ललितपुर और आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी और मेडिकल शिक्षा को भी नई दिशा मिलेगी।
594 करोड़ की कमलमोद बांध परियोजना से 17 गांवों को मिलेगा लाभ
सीएम योगी 594 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कमलमोद बांध परियोजना का भी लोकार्पण करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 17 गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
सड़क परियोजनाओं को भी मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री 107 करोड़ रुपये की लागत से महरोनी-नाराहट-गेना मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा 39 करोड़ रुपये की लागत से ललितपुर-केलगुवा मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास भी किया जाएगा। वहीं, 43 करोड़ रुपये की लागत से बौसी-बारा मार्ग तथा पुराने अरुणा सागर मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की आधारशिला भी रखी जाएगी।
सिंचाई और पेयजल योजनाओं को मिलेगा विस्तार
89 करोड़ रुपये की लागत से सहजाद बांध सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा। इसके अलावा अमृत 2.0 योजना के तहत 41 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिक्षा और ग्रामीण विकास को भी मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास खंड जखौरा में 24 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम सचिवालय और मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार होगा।
बुंदेलखंड के विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री के इस दौरे को बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क, शिक्षा और पेयजल से जुड़ी इन परियोजनाओं के जरिए हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।