केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य जनता को उम्मीद देने के बजाय गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं। लोक सभा में शुक्रवार को बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण भारत में कुछ चुनौतियां आई हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, “सरकार फंड उपलब्ध कराने से लेकर अन्य जरूरी तैयारियों पर काम कर रही है, लेकिन विपक्ष जनता में उम्मीद जगाने के बजाय सिर्फ हंगामा कर रहा है, जिसकी निंदा होनी चाहिए।”
राहुल गांधी पर तंज
वित्त मंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य सांसदों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय पीते हैं और दूसरी ओर एलपीजी जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हैं।
किरेन रिजिजू का भी पलटवार
इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी विपक्ष के हंगामे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कांग्रेस समेत अन्य दलों ने हिस्सा लिया था और तय हुआ था कि वित्त मंत्री जवाब देंगी तथा निजी विधेयकों पर चर्चा होगी। रिजिजू ने आरोप लगाया कि हंगामे की वजह से विपक्ष अपने ही सदस्यों के निजी विधेयकों पर चर्चा का समय खत्म कर रहा है।
अनुशासनहीनता का आरोप
किरण रिजिजू ने कहा कि विपक्षी नेता संसद परिसर में खाने-पीने का सामान लेकर अनुशासनहीनता कर रहे हैं और नाटकीय तरीके से जनता का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास अभी भी समय है कि वह अपने व्यवहार में सुधार करे।
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