मुम्बई. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने गोल्ड निवेश को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एक्सचेंज ने EGR यानी इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसिप्ट सिस्टम लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से निवेशक अब अपने डीमैट अकाउंट के जरिए फिजिकल गोल्ड खरीद सकेंगे। इस नई व्यवस्था को भारतीय गोल्ड मार्केट में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
क्या होता है EGR सिस्टम?
EGR एक डिजिटल प्रमाणपत्र की तरह काम करता है, जो वास्तविक फिजिकल गोल्ड का प्रतिनिधित्व करता है। निवेशकों द्वारा खरीदा गया सोना सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाएगा, जबकि उसकी ओनरशिप डीमैट खाते में दिखाई देगी। यह प्रक्रिया शेयर होल्डिंग की तरह ही काम करेगी। खास बात यह है कि जरूरत पड़ने पर निवेशक इस डिजिटल गोल्ड को वास्तविक फिजिकल गोल्ड में भी बदल सकेंगे।
गोल्ड ETF से क्यों अलग है यह व्यवस्था?
विशेषज्ञों के अनुसार EGR सिस्टम और गोल्ड ETF में सबसे बड़ा अंतर कन्वर्जन सुविधा का है। गोल्ड ETF में निवेश करने पर निवेशक सीधे फिजिकल गोल्ड प्राप्त नहीं कर सकते, जबकि EGR के तहत खरीदा गया डिजिटल गोल्ड वास्तविक सोने में बदला जा सकता है। यही वजह है कि इसे अधिक भरोसेमंद और व्यावहारिक निवेश विकल्प माना जा रहा है।
प्योरिटी और कीमतों में बढ़ेगी पारदर्शिता
भारत में लंबे समय से सोने की कीमतों और शुद्धता को लेकर असमानता की शिकायतें सामने आती रही हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वैलर्स के यहां कीमतों तथा गुणवत्ता में अंतर देखने को मिलता था। EGR सिस्टम के तहत केवल 999 और 995 प्योरिटी वाले सोने को शामिल किया जाएगा। इससे ग्राहकों को शुद्धता को लेकर अधिक भरोसा मिलेगा और कीमतों में पारदर्शिता आएगी।
‘वन नेशन, वन गोल्ड प्राइस’ की दिशा में कदम
विशेषज्ञ इस पहल को “वन नेशन, वन ट्रांसपेरेंट गोल्ड प्राइस” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। नई व्यवस्था के लागू होने से देशभर में गोल्ड ट्रेडिंग अधिक संगठित और मानकीकृत होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे निवेशकों को बाजार में बेहतर मूल्य और अधिक विश्वसनीयता मिलने की संभावना है।
छोटे निवेशकों के लिए खुलेंगे नए रास्ते
इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा छोटे निवेशकों को मिलने वाला है। अब निवेश की शुरुआत केवल 100 मिलीग्राम गोल्ड से की जा सकेगी, जिसकी कीमत लगभग 1500 रुपये के आसपास हो सकती है। इससे सीमित बजट वाले लोग भी आसानी से गोल्ड निवेश कर सकेंगे और उन्हें बड़ी रकम जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लॉकर और सुरक्षा की चिंता भी होगी कम
फिजिकल गोल्ड खरीदने पर उसकी सुरक्षा और लॉकर खर्च निवेशकों के लिए बड़ी चिंता होती थी। EGR सिस्टम में सोना सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाएगा, जिससे चोरी, गुम होने या अतिरिक्त लॉकर खर्च जैसी समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं। यही कारण है कि इसे आधुनिक और सुरक्षित गोल्ड निवेश मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।