नई दिल्ली/श्रीनगर: 7 मई, 2026—आज का दिन भारत के सैन्य इतिहास में साहस और प्रतिशोध का प्रतीक बन गया है। ठीक एक साल पहले आज ही के दिन भारतीय सेना ने पहेलगाम हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) की शुरुआत की थी। इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर जवानों को सलाम किया है, वहीं सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आतंकवादियों के लिए अब कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है।
सेना का सख्त संदेश: "ढूंढ-ढूंढ कर देंगे सजा"
भारतीय सेना ने इस अवसर पर एक विशेष वीडियो जारी किया है, जिसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' की रणनीतिक योजना और आतंकी ठिकानों को तबाह करने के रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य दिखाए गए हैं। सेना ने वीडियो के साथ संदेश दिया:"भारत कुछ भी भूला नहीं है और किसी को माफ भी नहीं किया है। आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा, उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर सजा दी जाएगी।"सेना के मुताबिक, यह ऑपरेशन जल, थल और नभ—तीनों सेनाओं के अद्भुत समन्वय का परिणाम था, जिसने आतंकियों के नेटवर्क को पूरी तरह छिन्न-भिन्न कर दिया था।
पीएम मोदी ने कहा- "दृढ़ संकल्प का प्रतीक है यह ऑपरेशन"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जवानों के पराक्रम की सराहना करते हुए लिखा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है।
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि:
पहेलগাम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने वालों को हमारे वीर जवानों ने उनके घर में घुसकर मुंहतोड़ जवाब दिया।
यह अभियान भारतीय सशस्त्र बलों की व्यावसायिकता (Professionalism) और हर स्थिति के लिए उनकी तैयारी का बेजोड़ उदाहरण है।
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता और ताकत को दुनिया ने इस ऑपरेशन के जरिए देखा है।
प्रधानमंत्री ने पुन: स्पष्ट किया कि भारत आज भी आतंकवाद और उसके पीछे की बुरी ताकतों को जड़ से मिटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 'ऑपरेशन सिंदूर' की बरसी पर देशभर में वीर शहीदों और जांबाज जवानों के शौर्य को याद किया जा रहा है।