पहले चरण का मतदान लगभग समाप्ति की ओर है और प्रशासन ने इसे शांतिपूर्ण और सफल बताया है। अधिकारियों के अनुसार, जहां मतदान पूरा हो चुका है, वहां EVM मशीनों को सुरक्षित रूप से BCRC और स्ट्रॉन्ग रूम में शिफ्ट किया जा रहा है। शुरुआती आंकड़ों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज होने की बात कही गई है, जिससे औसत वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी साफ नजर आ रही है।
निर्भय होकर वोट डालने पहुंचे मतदाता
प्रशासन का कहना है कि इस बार मतदाताओं ने बिना किसी डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। वोटिंग के बाद लोगों में संतोष और उत्साह देखने को मिला। चुनाव के दौरान हिंसा या बड़े विवाद की घटनाएं बेहद कम रहीं, जिसके लिए सभी राजनीतिक दलों और संबंधित पक्षों का आभार जताया गया है।
बूथ के अंदर पूरी तरह नियंत्रण, 100 मीटर तक नहीं हुआ विवाद
अधिकारियों ने दावा किया कि बूथ के भीतर किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी गई। एरिया डॉमिनेशन की रणनीति के चलते मतदान केंद्रों के आसपास 100 मीटर के दायरे में भी कोई बड़ा टकराव सामने नहीं आया। पिछले चुनावों में जहां धमकी और दबाव की शिकायतें मिलती थीं, इस बार ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली।
हजारों बूथों पर मतदान पूरा, कुछ स्थानों पर जारी
राज्यभर में कुल 44,376 बूथ बनाए गए थे, जिनमें से लगभग 39,548 बूथों पर मतदान पूरा हो चुका है। बाकी केंद्रों पर प्रक्रिया जारी है, इसलिए अंतिम मतदान प्रतिशत का आंकड़ा फिलहाल घोषित नहीं किया गया है।
गर्मी के बावजूद EVM व्यवस्था रही सुचारू
तेज गर्मी के कारण कुछ EVM मशीनों में तकनीकी दिक्कतें जरूर आईं, लेकिन उन्हें तुरंत बदल दिया गया। कहीं भी लंबी देरी नहीं हुई और मतदान प्रक्रिया लगातार चलती रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घंटों तक मतदान रुकने जैसी कोई स्थिति नहीं बनी।
वेब कास्टिंग और निगरानी ने बढ़ाई पारदर्शिता
इस बार वेब कास्टिंग को पूरी तरह मजबूत बनाया गया था। बिजली और इंटरनेट की समस्या वाले इलाकों में जनरेटर और सिम आधारित कैमरों का इस्तेमाल किया गया। हर 15 मिनट में रिटर्निंग ऑफिसरों से अपडेट लिया गया और जहां जरूरी था, वहां माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए।
हाईटेक कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर
चुनाव के दौरान कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली को भी उन्नत किया गया। बूथ के अंदर-बाहर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने में CAPF की भूमिका को भी सराहा गया, जिससे संवेदनशील इलाकों में भी स्थिति नियंत्रण में रही।
पिंगला पर रिपोर्ट के बाद होगा फैसला, अभी रिपोल की जरूरत नहीं
पिंगला क्षेत्र को लेकर प्रशासन ने कहा कि वहां की रिपोर्ट आने के बाद ही किसी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। सभी गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हैं, इसलिए जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि किसी तरह की गड़बड़ी हुई या नहीं। फिलहाल पुनर्मतदान की कोई आवश्यकता नहीं मानी जा रही है।
हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई
प्रशासन ने दावा किया कि सभी शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की गई। अधिकांश मामलों में 4-5 मिनट के भीतर टीम मौके पर पहुंची और समस्या का समाधान किया गया। वेब कास्टिंग के कारण घटनाओं की सटीक जानकारी मिलती रही, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया संभव हुई।