नई दिल्ली. पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे लाभार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार की तरफ से 24वीं किस्त का पैसा 30 अक्टूबर को जारी कर दिया जाएगा। किसान दुर्गा पूजा के समय से ही इस किस्त की घोषणा का इंतजार कर रहे थे। अब दिवाली से पहले 2000 रुपये उनके खाते में क्रेडिट हो जाएंगे। इसकी जानकारी पीएम किसान सम्मान निधि के आधिकारिक एक्स हैंडल पर दी गई है। यह घोषणा किसानों के लिए राहत भरी साबित हुई है। पूरे देश में लाभार्थी इस तारीख का इंतजार कर रहे हैं।
किन किसानों को नहीं मिलेगा पैसा
जिन किसानों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है उन्हें 24वीं किस्त का पैसा नहीं ट्रांसफर होगा। कृषि मंत्रालय ने ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। पिछली बार कर्नाटक में करीब 6 लाख किसानों को ई-केवाईसी न करने की वजह से पैसा नहीं मिला था। इसलिए सभी लाभार्थियों को जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। बिना ई-केवाईसी के खाते में राशि नहीं पहुंचेगी। सरकार ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है। किसान अभी भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
ई-केवाईसी कैसे करें
किसान ऐप या नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी करवा सकते हैं। प्रक्रिया के लिए आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर एक्टिव होना चाहिए क्योंकि ओटीपी के जरिए ही ई-केवाईसी होती है। फेस अथेंटिकेशन के जरिए भी ई-केवाईसी की जा सकती है। यह प्रक्रिया सरल और त्वरित है। समय रहते इसे पूरा करने से पैसा समय पर मिल जाएगा। किसानों को अपने दस्तावेज तैयार रखकर केंद्र जाना चाहिए। सही तरीके से प्रक्रिया पूरी होने पर अगली किस्त आसानी से मिलेगी।
गेहूं की बुआई और राहत
किसान इस समय गेहूं की बुआई की तैयारियों में जुट गए हैं। डीएपी खाद से लेकर बीज तक की व्यवस्था किसानों की तरफ से हो रही है। ऐसे में केंद्र सरकार की तरफ से तारीख का ऐलान उनके लिए बड़ी राहत है। 2000 रुपये की राशि बुआई के खर्च में मददगार साबित होगी। त्योहारी सीजन में यह आर्थिक सहायता किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। खेती की जरूरतों को पूरा करने में यह किस्त काम आएगी। समय पर राशि मिलने से बुआई का काम सुचारू रहेगा।
पिछली किस्त का जिक्र
इससे पहले केंद्र सरकार ने जून के महीने में किसानों के खाते में 23वीं किस्त का पैसा भेजा था। तब यह राशि हुगली पश्चिम बंगाल से 9.44 करोड़ किसानों के खाते में ट्रांसफर की गई थी। केंद्र सरकार एक साल में तीन बार 2000-2000 रुपये की किस्त जारी करती है। यह पैसा किसानों को खेती की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दिया जाता है। नियमित किस्तों से किसानों को साल भर आर्थिक सहारा मिलता रहता है। पिछली किस्त के अनुभव से इस बार भी समय पर राशि पहुंचने की उम्मीद है।
योजना का महत्व और वार्षिक सहायता
पीएम किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। तीन समान किस्तों में यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य खेती की लागत में सहयोग करना और किसानों की आय बढ़ाना है। ई-केवाईसी जैसी प्रक्रियाओं से पारदर्शिता बनी रहती है। लाभार्थियों की संख्या करोड़ों में है। समय पर किस्त मिलने से किसान अपनी योजनाएं बेहतर तरीके से बना सकते हैं। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है।