मथुरापुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मथुरापुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सभा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर गदगद नजर आए पीएम मोदी ने साफ कहा कि बंगाल की गलियों और गांवों से एक ही आवाज आ रही है— "पाल्टानो दरकार" (बदलाव चाहिए)।**
घुसपैठियों पर 'जीरो टॉलरेंस' का वादा
प्रधानमंत्री ने घुसपैठ के मुद्दे पर ममता सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
"घुसपैठिए हमारे स्थानीय मछुआरों के अधिकार छीन रहे हैं। इन्हें किसका संरक्षण प्राप्त है? तृणमूल का। जब भी हम घुसपैठ रोकने की बात करते हैं, ये विरोध करते हैं। लेकिन मैं वादा करता हूँ, भाजपा सत्ता में आते ही घुसपैठियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगी।"
गंगासागर और मछुआरों की अनदेखी
मोदी ने स्थानीय मुद्दों को छूते हुए कहा कि केंद्र ने मत्स्यपालन के लिए अलग मंत्रालय बनाया और आधुनिक तकनीक दी, लेकिन टीएमसी ने समुद्र को असुरक्षित बना दिया है। उन्होंने गंगासागर का जिक्र करते हुए कहा, "हर साल चुनाव में पक्के पुल का वादा होता है, फिर सब हवा हो जाता है। टीएमसी न खुद काम करती है और न केंद्र को करने देती है।"
15 साल बनाम 11 साल की तुलना
पीएम ने आंकड़ों के जरिए टीएमसी को घेरा:
बीजेपी (केंद्र में 11 साल): 12 करोड़ शौचालय, 55 करोड़ जनधन खाते, 3 करोड़ 'लखपति दीदी' और 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला।
टीएमसी (बंगाल में 15 साल): सिर्फ झूठे वादे। घाटाल मास्टर प्लान और मेगा फूड पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स फाइलों में दबे रहे।
महिला सुरक्षा और सम्मान पर प्रहार
संदेशखाली और अन्य घटनाओं का परोक्ष संदर्भ देते हुए मोदी ने कहा कि संसद में जब महिला आरक्षण बिल आया, तो टीएमसी ने उसके खिलाफ वोट दिया। उन्होंने कहा, "बंगाल मां दुर्गा की पूजा करता है, लेकिन टीएमसी ने यहां महिलाओं के सम्मान को चोट पहुंचाई है। आपका एक वोट इस अन्याय का हिसाब चुकता करेगा।"
"परिवर्तन की आंधी"
भीषण गर्मी के बावजूद सुबह से डटे लोगों का आभार व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि यह उत्साह बता रहा है कि टीएमसी की विदाई तय है। उन्होंने युवाओं और नए मतदाताओं से अपील की कि पश्चिम बंगाल की 'निर्मम' सरकार को उखाड़ फेंकने का यही सही समय है। 10 दिन बाद जब 4 मई को मतगणना होगी, तो चारों तरफ 'पद्म' (कमल) ही खिलेगा।