प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (28 जून) को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक पहुंचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से संवाद किया। इस ऐतिहासिक बातचीत का वीडियो प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जिसमें दोनों एक-दूसरे से भावनात्मक और प्रेरणादायक बातचीत करते नजर आए।
पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा - आप युवाओं के लिए प्रेरणा हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने शुभांशु शुक्ला को भारत का झंडा अंतरिक्ष में फहराने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा,शुभांशु, आप देश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। आज भले ही आप धरती से दूर हैं, लेकिन 140 करोड़ भारतीयों के दिलों के सबसे करीब हैं। आपके नाम में ‘शुभ’ है और आपकी यात्रा भारत के नए युग का शुभारंभ है।
पीएम ने आगे कहा इस समय भले ही संवाद हमारे बीच हो रहा है, लेकिन मेरी आवाज में पूरे भारत का उत्साह शामिल है। मैं अंतरिक्ष में तिरंगा फहराने के लिए आपको दिल से बधाई देता हूं।बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने शुक्ला की कुशलक्षेम पूछते हुए पूछा, क्या आप ठीक हैं? वहां सब कुछ ठीक है?
यह सिर्फ मेरी नहीं, देश की यात्रा है – शुभांशु शुक्ला
इस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री और देशवासियों को धन्यवाद देते हुए कहा प्रधानमंत्री मोदी, आपके और 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाओं के लिए आभार। मैं यहां पूरी तरह सुरक्षित हूं और बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। यह अनुभव बेहद खास है और ये यात्रा सिर्फ मेरी नहीं, पूरे देश की है।"
उन्होंने कहा, आपके नेतृत्व में भारत आज सपनों को हकीकत में बदलने वाले अवसरों से भरा हुआ है। मैं यहां भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
गाजर का हलवा ISS पर भी पहुंचा
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने मुस्कराते हुए पूछा,
“क्या आप गाजर का हलवा लेकर गए थे? खाया आपने?”
इस पर शुभांशु ने हंसते हुए जवाब दिया,"हां सर, मैं गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा और आमरस साथ लेकर आया हूं। मैंने चाहता था कि मेरे अंतरराष्ट्रीय साथियों को भारत की समृद्ध पाक विरासत का स्वाद मिले। हमने सबने मिलकर इसे खाया और सभी को बहुत पसंद आया।”
ISS से भारत बेहद भव्य नजर आता है – शुभांशु
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने बताया कि ISS से हर दिन 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त देखने को मिलता है। उन्होंने कहा,यहां से भारत बेहद भव्य और विशाल नजर आता है। यह अनुभव मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह तो बस एक सीढ़ी है, भारत दौड़ना शुरू कर चुका है।
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