कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव संपन्न होने के बाद अब स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। दक्षिण कोलकाता के शाखावत मेमोरियल स्कूल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को चरम पर पहुंचा दिया गया है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे लॉर्ड सिन्हा रोड पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
इलाका सील, चप्पे-चप्पे पर पहरा
ताजा अपडेट के मुताबिक, शाखावत मेमोरियल स्कूल के सामने कड़ा पुलिसिया पहरा बैठा दिया गया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए इलाके में अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। लॉर्ड सिन्हा रोड के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और पूरे रास्ते पर 'नो पार्किंग' के बोर्ड लगा दिए गए हैं। केंद्रीय बलों के जवानों को पूरे इलाके में मार्च करवाते हुए सुरक्षा का भरोसा दिलाया जा रहा है।
आधी रात तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
विवाद की शुरुआत गुरुवार शाम से हुई जब कोलकाता के दो अलग-अलग गणना केंद्रों—खुदीराम अनुशीलन केंद्र और शाखावत मेमोरियल स्कूल—के बाहर टीएमसी और बीजेपी समर्थक आमने-सामने आ गए। भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के स्ट्रॉन्ग रूम (शाखावत मेमोरियल) के बाहर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रात 12 बजे तक करीब चार घंटे से अधिक समय तक बैठी रहीं। उनके साथ मेयर फिराद हकीम भी मौजूद थे।
जमकर हुई नारेबाजी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
ममता बनर्जी के स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकलते ही माहौल और गरमा गया। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने 'जय बांग्ला' के नारे लगाए, जिसके जवाब में बीजेपी समर्थकों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाने शुरू कर दिए। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस को लाउडस्पीकर के जरिए घोषणा करनी पड़ी और भीड़ को तितर-बितर कर इलाके को खाली कराया गया।