कोलकाता: चुनावी माहौल के बीच पश्चिम बंगाल BJP के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने सभा के दौरान IND24.TV समूह की IND24 Digital বাংলা Head राखी दत्ता से विशेष बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बंगाल में राजनीतिक बदलाव, भाजपा की सीटों, लोकतंत्र की बहाली और विकास के मॉडल को लेकर बड़ा दावा किया।
उन्होंने साफ कहा कि इस बार बंगाल की जनता परिवर्तन चाहती है और भाजपा आरामदायक बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
प्रश्नोत्तरी: राखी दत्ता और शमीक भट्टाचार्य के बीच खास बातचीत
(राखी दत्ता): 294 सीटों की इस लड़ाई में बीजेपी कितनी सीटें लाएगी?
(शमीक भट्टाचार्य): हम आरामदायक बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। यह जनता का तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ अस्वीकार का वोट है। लोगों ने ठान लिया है कि तृणमूल कांग्रेस का विसर्जन करके ही रहेंगे। तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक जीवनचक्र अब समाप्त हो चुका है। तृणमूल कांग्रेस अब एक राजनीतिक दल की तरह नहीं रह गई है।
भ्रष्टाचार और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। हमारे सीमावर्ती जिलों की जनसांख्यिकी बदल दी गई है। केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड, वाराणसी और अन्य क्षेत्रों की जनसांख्यिकी पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
लव जिहाद और साथ ही भूमि जिहाद चल रहा है। देश की आंतरिक सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है। हम किसी भी परिस्थिति में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को पश्चिम बंगाल में रहने नहीं देंगे। यह भूमि भारत विरोधी तत्वों जैसे लश्कर-ए-तैयबा, ISIS और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जा रही है।
सरकार की लापरवाही और अनिच्छा के कारण ये सब हो रहा है। लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। यहां के लोग राजनीतिक रूप से बहुत जागरूक हैं। सबसे बड़ा मुद्दा लोकतंत्र की बहाली है। यह जनता का स्वतःस्फूर्त आक्रोश है। लोग बदलाव के लिए बेचैन हैं।
इस समय यह लड़ाई तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच नहीं है, बल्कि जनता बनाम ममता बनर्जी की लड़ाई बन चुकी है। जनता का एक ही संदेश है- ‘ No Vote To Mamta’.
(राखी दत्ता): इस बार आपका नारा ‘परिवर्तन’ है। इससे बंगाल में उन्नयन कैसे होगा? ‘अन्नपूर्णा भंडार’ छोड़कर विकास और न्याय कैसे आएगा?
(शमीक भट्टाचार्य): बीजेपी और विकास एक-दूसरे के पर्याय हैं। बीजेपी और औद्योगिकीकरण भी एक-दूसरे के पर्याय हैं। बंगाल को बड़े उद्योगों की जरूरत है। हमारे पास नदियां हैं, समुद्री संसाधन हैं, बंदरगाह हैं, पूंजी है, जनशक्ति है, बुद्धिजीवी वर्ग है और भौगोलिक लाभ भी है।
हमारे पड़ोसी राज्य बिहार, झारखंड और ओडिशा खनिज संपदा से भरपूर हैं। निवेशक एक ऐसे निवेश-अनुकूल वातावरण का इंतजार कर रहे हैं, जहां स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो और उत्पादों का मानकीकरण हो।
बंगाल के लोग इसे अच्छी तरह समझते हैं। वे असम जैसे पड़ोसी राज्य में हो रहे विकास को देख रहे हैं। वहां के फ्लाईओवर, बुनियादी ढांचा, कानून-व्यवस्था सब कुछ उनके सामने है।
वहीं, पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। यहां अराजकता का माहौल है। संविधान का अस्तित्व जैसे खत्म हो गया है। इसलिए पढ़ा-लिखा बंगाली समाज पूरी तरह आश्वस्त है कि जब तक बीजेपी नहीं आएगी, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।
विकास का मॉडल भी बंगाल के लोग खुद तय करेंगे।
भाजपा का बड़ा चुनावी संदेश:
शमीक भट्टाचार्य के इस बयान को बंगाल में भाजपा के बढ़ते आत्मविश्वास और चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। चुनावी माहौल के बीच उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।