शशि थरूर को कोलकाता के सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सातवें दीक्षा समारोह में मानद डीलिट की उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्होंने इसे अपने जीवन का विशेष क्षण बताते हुए कहा कि यह भारत में मिली उनकी प्रथम मानद उपाधि है। समारोह में उपस्थित अनेक गणमान्य व्यक्तियों और विद्वानों ने उनके साहित्यिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक जीवन में किए गए योगदान को सराहा।
दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन
कोलकाता के न्यू टाउन क्षेत्र स्थित बिस्वा बांग्ला सम्मेलन केंद्र में हुआ यह दीक्षांत समारोह अत्यंत गरिमामय रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षाविद उपस्थित रहे। मंच पर विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ पदाधिकारी और मुख्य अतिथियों का विशेष अभिनंदन किया गया।
विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान करने का अवसर
इस समारोह में कुल एक हज़ार बावन स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। मंच पर उपाधि ग्रहण करते हुए विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह और गर्व स्पष्ट दिखाई दे रहा था। यह क्षण उनके शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध हुआ।
अनुसंधानकर्ताओं और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान
समारोह में पाँच और बीस अनुसंधानकर्ताओं को विद्या वाचस्पति की उपाधि दी गई। साथ ही, सत्र के श्रेष्ठ विद्यार्थियों का सम्मान करते हुए सत्रह मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इन सम्मानित छात्रों की उपलब्धियों को उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा।
ज्ञान, मूल्य और समाज के प्रति प्रतिबद्धता पर बल
समारोह में वक्ताओं ने शिक्षा के बदलते स्वरूप, नैतिक मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। उपस्थित विद्यार्थियों को ज्ञान को समाज के कल्याण की दिशा में उपयोग करने की प्रेरणा दी गई। शशि थरूर ने भी अपनी प्रभावशाली वाणी में शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के संबंध पर प्रकाश डाला।
उपाधि से बढ़ा विश्वविद्यालय का गौरव
सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय द्वारा ऐसे विशिष्ट व्यक्तित्व को सम्मानित किया जाना संस्था के लिए गौरव का विषय रहा। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा और ज्ञान परंपरा को नई ऊर्जा मिली।
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