भोपाल। नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में शुक्रवार सुबह ‘राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव 2026 – नॉट आउट @100’ का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे क्रिकेट के क्षेत्र में एक अभिनव पहल बताया। सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह टूर्नामेंट 24 घंटे लगातार और कुल 100 घंटे तक बिना रुके चलेगा।
खेल का क्रम समय के साथ लगातार चलता रहेगा
उन्होंने कहा - खेल का क्रम समय के साथ लगातार चलता रहेगा। जिसे देखना हो देखे, न देखना हो न देखे, लेकिन मैचों का सिलसिला नहीं रुकेगा। यही इसकी विशेषता है। मुख्यमंत्री ने इस महोत्सव को दिव्यांगजनों की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच देने का सशक्त प्रयास बताते हुए कहा कि यह समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का भी जिक्र करते हुए कहा कि देश सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है और यह खेल महोत्सव उसी सोच का साकार रूप है।
टूर्नामेंट की विशेषताएँ
यह महोत्सव दिन-रात लगातार 100 घंटे तक चलेगा।
इसमें 8 राज्यों की 6 दिव्यांग टीमें भाग ले रही हैं।
कुल 25 टी‑20 मुकाबले खेले जाएंगे।
इस आयोजन को Guinness World Records, Limca Book of Records और Asia Book of Records में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया है।
कार्यक्रम संयोजक राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अटूट विश्वास और आत्मबल का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि समाज में लंबे समय तक ‘विकलांग’ कहे जाने वाले लोगों को सम्मानजनक पहचान दिलाने का प्रयास इस महोत्सव के माध्यम से किया जा रहा है।
हम अक्षम नहीं, बल्कि सक्षम
राघवेंद्र शर्मा ने कहा - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द के प्रयोग ने समाज की सोच को नई दिशा दी है। डिफरेंटली एबल यानी अलग-अलग क्षमताओं से संपन्न खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे और यह संदेश देंगे कि हम अक्षम नहीं, बल्कि सक्षम हैं।
आयोजन का उद्देश्य और प्रेरणा
उन्होंने बताया कि यह महाआयोजन कुशाभाऊ ठाकरे और ठाकुर अपारबल सिंह के सामाजिक सरोकारों से प्रेरित है। आयोजक संस्था टास्क इंटरनेशनल ने इसे महान व्यक्तित्वों के जीवन मूल्यों को समाज के सामने लाने के उद्देश्य से आयोजित किया है।राघवेंद्र शर्मा के अनुसार, लगभग 50 टीमें और 600 खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में भाग लेंगे। सभी मुकाबले दिन-रात बिना रुके जारी रहेंगे। उनका दावा है कि दुनिया में अब तक किसी भी खेल प्रतियोगिता का आयोजन लगातार 100 घंटे तक नहीं हुआ है। भोपाल को उम्मीद है कि यह महोत्सव एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा और दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
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