कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार का गठन हुआ और शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, जिसके साथ ही वे औपचारिक रूप से पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बन गए।
भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद सत्ता में वापसी
विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य की सत्ता में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। शुभेंदु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए नामित किया गया था।
भव्य शपथ ग्रहण समारोह
कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष सहित एनडीए शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। समारोह में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
शपथ ग्रहण के बाद शुभेंदु अधिकारी औपचारिक रूप से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बन गए। शपथ लेने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर उनका आशीर्वाद लिया। मंच पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तालियों के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया।
मंत्रिमंडल का भी हुआ गठन
शुभेंदु अधिकारी के साथ ही पांच विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, खुदीराम टोटो और निशिथ घोष शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह टीम राज्य में नई सरकार की रीढ़ साबित होगी।
विशेष सम्मान और भावुक पल
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही भाजपा के 98 वर्षीय वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार को सम्मानित किया गया, जहां प्रधानमंत्री ने स्वयं उनके पास जाकर शॉल ओढ़ाया और पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
राजनीतिक बदलाव का संकेत
भाजपा की यह जीत पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक समीकरण अब पूरी तरह बदल चुके हैं और राज्य में नई सरकार के साथ नई नीतियों की उम्मीद जताई जा रही है।