देशभर में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई भाजपा नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहित्य, दर्शन एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि गुरुदेव भारतीय आत्मा के स्वर थे। उन्होंने कहा कि टैगोर की दृष्टि में मानवता, प्रकृति और ज्ञान का अद्वितीय संगम था। बिरला ने कहा कि गुरुदेव केवल महान कवि ही नहीं, बल्कि समाज के सूक्ष्म पर्यवेक्षक, राष्ट्र चेतना के गायक और सृजनशील शिक्षाविद भी थे।
अमित शाह बोले- साहित्य और संगीत से जगाई आजादी की भावना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुदेव को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने गुलामी के दौर में साहित्य, संगीत और दर्शन के माध्यम से स्वतंत्रता की चेतना को नई दिशा दी। शाह ने कहा कि टैगोर के शब्दों में संवेदना, विचारों में स्वतंत्रता और सृजन में विश्वबंधुत्व की भावना थी।
उन्होंने कहा कि गुरुदेव की कालजयी कृति ‘गीतांजलि’ ने मानवता और आध्यात्मिकता को नई दिशा दी, जबकि ‘जन गण मन’ के जरिए उन्होंने राष्ट्र की एकता और आत्मसम्मान को स्वर दिया।
राजनाथ सिंह ने बताया शांति और सद्भाव का संदेशवाहक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि टैगोर ने मानवता को शांति, सद्भाव और मानवीय एकता का सार्वभौमिक संदेश दिया।
राजनाथ सिंह ने उन्हें महान साहित्यकार, विचारक और संस्था निर्माता बताते हुए कहा कि उनका जीवन और दर्शन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा- सदैव चमकते रहेंगे गुरुदेव
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी टैगोर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी अमर रचनाएं और मानवतावादी विचार युगों तक लोगों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बंगाली साहित्य और संस्कृति के आकाश में गुरुदेव हमेशा एक शाश्वत तारे की तरह चमकते रहेंगे।
9 मई को मनाई जा रही है टैगोर जयंती
बता दें कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को हुआ था। पश्चिम बंगाल में उनकी जयंती ‘पच्चीशे बोइशाख’ के रूप में मनाई जाती है। इस वर्ष बंगाली पंचांग के अनुसार यह तिथि 9 मई को पड़ रही है।