ओडिशा। हाल ही में ओडिशा से सामने आई एक तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस तस्वीर में एक बुजुर्ग व्यक्ति अपनी मृत बहन का कंकाल कंधे पर रखकर बैंक पहुंचा था, ताकि बहन के खाते में जमा महज 19 हजार रुपए निकाल सके। इस व्यक्ति का नाम जीतू मुंडा है। अब इस दर्दनाक घटना के बाद जीतू मुंडा की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है और उन्हें लाखों रुपए की आर्थिक मदद मिली है।
क्या है पूरा मामला?
ओडिशा के रहने वाले जीतू मुंडा की बहन का कुछ दिन पहले निधन हो गया था। उनकी बहन के बैंक खाते में करीब 19,402 रुपए जमा थे। जीतू जब यह राशि निकालने बैंक पहुंचे, तो उनसे मृत्यु से जुड़ा प्रमाण मांगा गया। आरोप है कि बैंक स्तर पर प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति बनी और इसी वजह से जीतू ने अपनी बहन के शव को कब्र से निकालकर, कई किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचने का फैसला कर लिया। यही दृश्य कैमरे में कैद हुआ और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वायरल वीडियो ने बदल दी जिंदगी
इस वीडियो के सामने आने के बाद देशभर में लोगों की संवेदनाएं उमड़ पड़ीं। कई सामाजिक संगठनों, नेताओं और संस्थाओं ने जीतू मुंडा की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। सबसे बड़ी मदद अलख पांडे यानी फिजिक्स वाला के सीईओ की ओर से सामने आई, जिन्होंने जीतू को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी।
इन लोगों और संस्थाओं ने की मदद
जीतू मुंडा को अब तक करीब 15 लाख रुपए से ज्यादा की सहायता मिल चुकी है—
- अलख पांडे (सीईओ, फिजिक्स वाला) – ₹10 लाख
- किरोड़ी लाल मीणा (राजस्थान कृषि मंत्री) – ₹1.45 लाख
- थाडगम फाउंडेशन, केरल – ₹1 लाख
- संजय सिंह (आप सांसद) – ₹50 हजार
- खिदमत फाउंडेशन – ₹50 हजार
- युवा कांग्रेस – ₹50 हजार
- सेवा फाउंडेशन – ₹50 हजार
- डिस्ट्रिक्ट रेड क्रॉस फंड – ₹30 हजार
- बीजेडी – ₹24 हजार
- अक्षय चंद्र नायक (विधायक) – ₹10 हजार
इसके अलावा बहन के खाते में जमा 19,402 रुपए भी ब्याज सहित जीतू को वापस मिल गए हैं।
बैंक मैनेजर और जीतू के बयान अलग-अलग
मामले को लेकर बैंक मैनेजर का कहना है कि उन्होंने केवल दस्तावेज मांगे थे, कंकाल लाने के लिए नहीं कहा था।
वहीं जीतू मुंडा का दावा है कि उनसे कहा गया था कि बहन को साथ लेकर आओ, तभी पैसे मिलेंगे।
भावुक कर देने वाली कहानी
जीतू ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उनकी बहन ही उनका सहारा थी। उन्होंने बहन को घर के पास ही दफनाया था।
उनके शब्दों में— “मेरी बहन ही मेरा घर थी, अब वह मेरे पास ही है, लेकिन मैं पूरी तरह अकेला हो गया हूं।”