कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में वोटर लिस्ट से नाम हटाने (SIR) का बड़ा राजनीतिक असर देखने को मिला। जिन सीटों पर सबसे ज्यादा वोटरों के नाम काटे गए, वहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) को भारी नुकसान और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बढ़त मिली।
चुनाव में वोटर लिस्ट से नाम कटौती बनी बड़ा फैक्टर
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव से पहले करीब 90 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। यह प्रक्रिया स्पेशल इंसेटिव रिवीजन (SIR) के तहत की गई, जिसमें मृत और डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटाने का दावा किया गया।
TMC ने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया उनके वोट बैंक को प्रभावित करने के लिए की गई, जबकि चुनाव आयोग ने इसे नियमित सुधार प्रक्रिया बताया।
जिन सीटों पर ज्यादा वोट कटे, वहां क्या रहा नतीजा?
25,000+ वोट कटे वाली 147 सीटें
इन सीटों पर BJP ने मजबूत प्रदर्शन किया।
- BJP: 95 सीटें
- TMC: 51 सीटें
- कांग्रेस: 1 सीट
15,000–25,000 वोट कटे वाली 67 सीटें
- BJP: 47 सीटें
- TMC: 19 सीटें
- कांग्रेस: 1 सीट
5,000–15,000 वोट कटे वाली 62 सीटें
- BJP: 50 सीटें
- TMC: शेष सीटों पर सीमित जीत
5,000 से कम वोट कटे वाली 13 सीटें
- BJP: सभी 13 सीटों पर जीत
जिलों में सबसे ज्यादा असर
Murshidabad
- यहां सबसे ज्यादा 4.55 लाख से अधिक वोट हटाए गए।
- 2021 में TMC: 22 में से 20 सीटें
- 2026 में TMC: सिर्फ 9 सीटें
- मुस्लिम वोटों में बंटवारा और हिंदू वोटों का एकतरफा झुकाव BJP की ओर देखा गया।
North 24 Parganas
- 2021 में TMC: 28 सीटें
- 2026 में TMC: 8 सीटें
Malda
- 2021 में TMC: 8 सीटें
- 2026 में TMC: 6 सीटें
- बाकी सीटों पर BJP ने बढ़त बनाई।
राजनीतिक विश्लेषण
विशेषज्ञों के अनुसार, SIR प्रक्रिया के बाद वोटिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव देखा गया। कई इलाकों में जहां पहले TMC का मजबूत आधार था, वहां इस बार विपक्षी वोट एकजुट होकर BJP के पक्ष में जाते दिखे।
वोटर लिस्ट से नामों की बड़ी संख्या में कटौती ने चुनावी समीकरण को प्रभावित किया। जिन सीटों पर यह असर सबसे ज्यादा था, वहां TMC को नुकसान और BJP को सीधा फायदा मिला।