पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। एक तरफ तृणमूल कांग्रेस अपनी वापसी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी भी सत्ता में आने का दावा कर रही है। इसी बीच राज्य की राजनीति में एक और बड़ा बयान सामने आया है।
ममता के बाद फिरहाद का आत्मविश्वास भरा अंदाज़
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और राज्य के वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हाकिम ने सीटों को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। उन्होंने संकेत दिया कि इस बार तृणमूल मजबूत स्थिति में है और चुनावी नतीजों में बड़ा आंकड़ा छू सकती है। ममता बनर्जी पहले ही 226 सीटों का लक्ष्य सामने रख चुकी हैं, साथ ही 300 के करीब पहुंचने की संभावना भी जताई थी।
220+ सीटों का दावा, क्या बनेगा नया रिकॉर्ड?
फिरहाद हाकिम के अनुसार, पार्टी 220 से 225 सीटों के बीच जीत दर्ज कर सकती है। उनका मानना है कि जमीनी स्तर पर लोगों का समर्थन तृणमूल के पक्ष में झुकता दिख रहा है, जो नतीजों में साफ नजर आ सकता है।
SIR बना चुनाव का बड़ा मुद्दा
इस चुनाव में SIR यानी मतदाता सूची के विशेष संशोधन ने अहम भूमिका निभाई है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रक्रिया ने मतदाताओं के बीच व्यापक प्रतिक्रिया पैदा की है, जिसका असर वोटिंग पैटर्न पर देखने को मिल सकता है।
पहचान के मुद्दे पर बढ़ी नाराज़गी
मीडिया से बातचीत में फिरहाद हाकिम ने कहा कि SIR को लेकर लोगों में असंतोष है। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं को अपनी पहचान साबित करने जैसी स्थिति से गुजरना पड़ा, जिससे उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची। यही वजह है कि जनता के भीतर नाराज़गी देखने को मिल रही है और इसका फायदा तृणमूल को मिल सकता है।
क्या कहती है जनता की नब्ज?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तृणमूल कांग्रेस अपने दावों के मुताबिक सत्ता में वापसी कर पाएगी या बीजेपी इस बार बाज़ी पलटेगी। चुनावी नतीजे ही तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।