कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति (West Bengal Politics) में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर एक बार फिर पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में अशांति फैलाने की साजिश का दावा करते हुए एक आपातकालीन नोटिस जारी किया है। बीजेपी का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तथाकथित 'गुंडा वाहिनी' के सदस्य बीजेपी कार्यकर्ताओं के रूप में 'छद्मवेश' धारण कर आम जनता को भ्रमित कर रहे हैं और अराजकता फैला रहे हैं।
बीजेपी की कड़ी चेतावनी और 'जीरो टॉलरेंस'
पार्टी सूत्रों द्वारा जारी विज्ञप्ति में स्पष्ट कहा गया है कि स्थिति को बिगाड़ने के लिए कुछ असामाजिक तत्व बीजेपी का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं। बीजेपी ने इसे लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने की घोषणा की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि
जो लोग छद्मवेश धारण कर गुंडागर्दी करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों को हर हाल में कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
"प्रशासनिक सांठगांठ का अंत करीब"
बीजेपी का कहना है कि बंगाल की जनता ने परिवर्तन के पक्ष में बड़ा जनादेश दिया है। पार्टी के अनुसार, राज्य में लंबे समय से चल रहे 'अपराध और प्रशासन के बीच के नापाक गठजोड़' के दिन अब खत्म होने वाले हैं। नई सरकार का लक्ष्य राज्य में कानून का शासन स्थापित करना और आम नागरिकों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है।
बीजेपी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें। पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि राजनीति के नाम पर हिंसा, धमकी या किसी भी तरह की धोखाधड़ी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।