कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Election Result 2026) के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था में भी बड़े बदलाव दिखने शुरू हो गए हैं। बुधवार को जब ममता बनर्जी के आवास पर पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी, उसी दौरान पुलिस ने निवर्तमान मंत्रियों और पार्टी के बड़े नेताओं की सुरक्षा में कटौती की प्रक्रिया शुरू कर दी।
बैठक के बीच फिरहाद हकीम के काफिले से हटीं गाड़ियां
सबसे चौंकाने वाला दृश्य तब दिखा जब पूर्व मंत्री और कोलकाता के निवर्तमान मेयर फिरहाद 'बॉबी' हकीम ममता बनर्जी के घर बैठक में शामिल थे, और बाहर सुरक्षा निदेशालय (Director of Security) ने उनके काफिले से दो गाड़ियां वापस ले लीं। इसी तरह पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास की सुरक्षा से भी दो गाड़ियां हटा दी गई हैं। बता दें कि मंत्री पद पर न रहने के कारण नियमों के तहत उनकी सुरक्षा कम की जा रही है।
कालीघाट और कैमैक स्ट्रीट से हटे बैरिकेड्स
बुधवार सुबह से ही कोलकाता के पॉश इलाकों कालीघाट और कैमैक स्ट्रीट की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखा गया।
ममता बनर्जी के आवास (188A हरिश चटर्जी स्ट्रीट) के बाहर लगे 'सीजर बैरिकेड्स' हटा दिए गए हैं।
सुरक्षाकर्मियों के लिए बने अस्थायी कियोस्क अब खाली नजर आ रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी के कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय के बाहर से भी अतिरिक्त सुरक्षा घेरा और बैरिकेड्स हटा लिए गए हैं, जिससे ट्रैफिक सामान्य हो गया है।
Z+ सुरक्षा रहेगी बरकरार: डीजीपी
राज्य के डीजीपी सिद्धीनाथ गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि भले ही अतिरिक्त सुरक्षा हटा ली गई है, लेकिन ममता बनर्जी को एक पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर मिलने वाली Z+ सुरक्षा पूरी तरह बरकरार रहेगी। वहीं, अभिषेक बनर्जी को एक सांसद के रूप में तय प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा मिलती रहेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके तहत पद मुक्त होने वाले व्यक्तियों की 'अतिरिक्त' सुरक्षा को वापस लिया जाता है।