बशीरहाट/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद शुरू हुआ हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के कुछ ही घंटों बाद, अब बशीरहाट में एक और बीजेपी कार्यकर्ता रोहित रॉय पर जानलेवा हमला हुआ है। रोहित को उस समय गोली मारी गई जब वह अपने इलाके में पार्टी का झंडा लगा रहे थे।
पीड़ित रोहित रॉय की जुबानी: "20 से ज्यादा लोगों ने घेरा और चलाई गोली"
अस्पताल के बिस्तर से अपनी आपबीती बताते हुए रोहित रॉय ने बताया कि हमला पूर्व नियोजित था। रोहित के अनुसार:“हम लोग मोहल्ले में बीजेपी का झंडा लगा रहे थे। तभी अचानक 20 से ज्यादा लोग वहां आ धमके। उन्होंने पूरे इलाके को घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मैं अपनी जान बचाने के लिए पीछे की तरफ भागा, तभी एक गोली मेरे पेट में लगी। एलिट क्लब के पास रहने वाले 'बड़ा' नाम के लड़के और जाहिनूर ने मुझ पर गोली चलाई। वहां भोला, संतु, उज्ज्वल और दिदार गोल के लोग भी मौजूद थे।”
राजनीतिक घमासान: बीजेपी बनाम टीएमसी
इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। बीजेपी ने इस हमले के पीछे सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का हाथ बताया है। बीजेपी नेतृत्व ने इसके लिए अभिषेक बनर्जी की 'धमकी भरी राजनीति' को जिम्मेदार ठहराया है।दूसरी ओर, TMC ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सत्ताधारी दल का कहना है कि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है और वे निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग करने को भी तैयार हैं।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के हालात
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए हैं। राज्य के डीजीपी सिद्धीनाथ गुप्ता ने बताया:
मामले की गहन जांच की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सबूत जुटाए जा रहे हैं।
दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वर्तमान में रोहित रॉय की हालत गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है। एक ही दिन में जिले में हुई दो बड़ी वारदातों ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।