कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले का सियासी ड्रामा अब चरम पर पहुंच गया है। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम (शाखावत मेमोरियल स्कूल) में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीब 4 घंटे तक डटी रहीं। रात 12 बजे के बाद जब वह बाहर निकलीं, तो उनके तेवर बेहद आक्रामक थे और उन्होंने सीधे तौर पर 'सुपर पावर' और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
सुपर पावर' का दबाव और धमकाने का आरोप
स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर आते ही ममता बनर्जी ने विस्फोटक बयान देते हुए कहा, "कोई एक 'सुपर पावर' पर्दे के पीछे से काम कर रही है, जो हमारे अधिकारियों और पुलिस पर दबाव डाल रही है। उन्हें फोन और वीडियो कॉल के जरिए केस दर्ज करने और सस्पेंड करने की धमकी दी जा रही है। राज्य पुलिस अब चुनाव आयोग के अधीन है और उन्हें चमकाया जा रहा है।"
बाहरी लोगों पर साधा निशाना
स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर हो रही नारेबाजी पर ममता ने कहा, "ये स्थानीय लोग नहीं हैं, इन्हें गुजरात से नारे लगाने के लिए लाया गया है। फेसबुक लाइव करके माहौल बिगाड़ा जा रहा है। अगर मैं चाहूं, तो एक सेकंड में यहां 10 हजार लोग खड़े कर सकती हूं, क्योंकि यह मेरा इलाका है, लेकिन मैं कानून का सम्मान करती हूं।"
वोट लूटने की साजिश की आशंका
ममता बनर्जी ने बताया कि वह करीब 4 घंटे तक अंदर क्यों थीं। उन्होंने कहा, "हमें 6-7 गंभीर शिकायतें मिली थीं कि स्ट्रॉन्ग रूम में बाहरी लोग घुस रहे हैं। लोगों ने विश्वास के साथ वोट दिया है, और उनके वोट की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है। नेताजी इंदौर (स्टेडियम) जैसी स्थिति यहाँ न हो, इसलिए मैं खुद आई और अब यहाँ अपने गार्ड्स बैठाकर जा रही हूँ।"
भारी सुरक्षा और भाजपा का प्रदर्शन
ममता बनर्जी के अंदर रहने के दौरान बाहर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया था। इसी बीच ममता और अभिषेक बनर्जी की तस्वीरों वाली एक बस वहां पहुंचने पर तनाव और बढ़ गया, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। बारिश के बावजूद स्थिति घंटों तक तनावपूर्ण बनी रही।