कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अभूतपूर्व संवैधानिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। विधानसभा चुनाव (West Bengal Election Result 2026) में बहुमत खोने के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी। बुधवार को पार्टी की एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "मैं खुद जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। अगर वे चाहते हैं तो मुझे बर्खास्त करें, राष्ट्रपति शासन लागू करना है तो करें। इतिहास में यह रिकॉर्ड रहना चाहिए।"
चुनाव आयोग और EVM पर तीखा हमला
ममता बनर्जी ने हार को स्वीकार करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि:
कम से कम 100 सीटों पर धांधली करके बीजेपी को जिताया गया है।
तृणमूल की लड़ाई बीजेपी से नहीं बल्कि चुनाव आयोग से थी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस हार का 'असली विलेन' बताया।
EVM की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वोटिंग के घंटों बाद भी मशीनों का चार्ज 80-85% रहना आश्चर्यजनक है।
सुप्रीम कोर्ट और अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी TMC
पार्टी सुप्रीमो ने घोषणा की है कि तृणमूल कांग्रेस इन नतीजों को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी और जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय अदालत तक भी पहुंचेगी। उन्होंने चद्रिमा भट्टाचार्य, बिप्लव मित्र और बिमान बनर्जी जैसे नेताओं के साथ मिलकर कानूनी लड़ाई की निगरानी करने का फैसला किया है।
पार्टी के अंदर 'गद्दारों' पर गिरेगी गाज
ममता बनर्जी ने हार के लिए पार्टी के भीतर हुई 'अंतर्घात' (सबोटैज) को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने नेताओं को निर्देश दिया है कि जिन्होंने पार्टी के साथ बेईमानी की है, उनकी सूची बनाकर जमा की जाए। वहीं, उन्होंने अभिषेक बनर्जी की मेहनत की जमकर तारीफ की और कहा कि भविष्य में अभिषेक पार्टी के कार्यों में और अधिक सक्रिय रहेंगे।
विचित्र निर्देश: बीजेपी के शपथ ग्रहण पर बजेगा 'रवींद्र संगीत'
ममता ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि जिस दिन बीजेपी की सरकार शपथ लेगी, उस दिन राज्य के सभी तृणमूल कार्यालयों में रवींद्र संगीत बजाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थक महापुरुषों की मूर्तियों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं, जिसे बंगाल की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
अभिषेक बनर्जी का संदेश:
अभिषेक बनर्जी ने भी कार्यकर्ताओं को ढांढस बंधाते हुए कहा, "ममता बनर्जी पार्टी की कमान संभालेंगी और मैं हमेशा की तरह आपके साथ खड़ा रहूंगा।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से हिंसा के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने का भी निर्देश दिया।