Jaipur: राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल (Rajasthan Politics) तेजी से सक्रिय नजर आ रहे हैं। मौजूदा कांग्रेस सरकार के मुखिया सीएम अशोक गहलोत को उनके गृह जिले और उनकी विधानसभा सीट सरदारपुरा में घेरने के लिए बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। इसमें उनसे प्रदेश सरकार पर अल्पसंख्यकों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। इस प्रदर्शन के दौरान बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस दौरान जमकर लात-घूसे चले। पुलिस ने बीच-बचाव करते हुए एक युवक को हिरासत में लिया।
क्या कहना है बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष का
राजस्थान अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हामिद मेवाती ने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हमारे लोगों के साथ धोखा किया है। उन्होंने जो वादा अल्पसंख्यकों के लिए किए थे, उनकी सरकार ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मदरसों को कंप्यूटरकृत नहीं किया गया। भेदभाव की राजनीति की गई। आज हमने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गढ़ में सरदारपुरा विधानसभा सीट से उनके विरोध प्रदर्शन शुरू किया है।
सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर (Rajasthan Politics) नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव से पहले जो वादे किए थे वो पूरे नहीं किए हैं। राजस्थान अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हामिद मेवाती ने बताया कि हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्वक चल रहा था। कुछ लोग माहौल खराब कर रहे थे। वो कांग्रेस द्वारा भेजे गए लोग थे। उन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं के बीच में आकर मारपीट की।
अशोक गहलोत सरकार पर कौन से आरोप लगाए
मेवाती ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार ने प्रदेश के मदरसों को कंप्यूटराइज करने, उर्दू शिक्षक लगाने और अल्पसंख्यकों के लिए अलग से योजना बनाने का वादा किया था। जबकि सरकार ने एक भी काम पूरा नहीं किया है.सरकार के कार्यकाल के अंतिम समय में एक बोर्ड बनाया गया है, उसके एक भी अध्यक्ष को राज्यमंत्री का दर्जा नहीं दिया गया है।
मोदी के आह्वान पर हिंदू बहनों के घर जाकर बंधवाएंगे राखी
राजस्थान सरकार के अल्पसंख्या मंत्री साले मोहम्मद (Rajasthan Politics) पर हमला बोलते हुए कहा कि वह तो बाड़मेर जैसलमेर के ही मंत्री हैं। वो अपने क्षेत्र में ही रहते हैं। उनको हमारे लोगों से कोई मतलब नहीं है। वो अपने क्षेत्र में अल्पसंख्यकों की मदद का दावा करते हैं। लेकिन हमारे सामने जो आंकड़े आए हैं वो यह बताते हैं कि साले मोहम्मद रबर स्टैंप मंत्री ही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इस बार रक्षाबंधन पर अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता हिंदू बहनों के घर जाकर राखी बंधवाएंगे। इसी तरह हिंदू कार्यकर्ता मुस्लिम बहनों से राखी बंधवाएंगे।