Jaipur: राजस्थान की राजनीति में पिछले 5 साल (Rajasthan Politics) में कई सियासी बवाल हुए, जिनकी कई तस्वीरें आईं, जो अपने आप में ही सम्पूर्ण थी। आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है। इस मौके पर राजस्थान की सियासत से जुड़ी ऐसी ही कुछ तस्वीरें, जो देश भर में चर्चा का विषय बन गई।
2018 की तस्वीर- 'कौन बनेगा मुख्यमंत्री'
ये तस्वीर 14 दिसंबर 2018 को राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट से पोस्ट की। तस्वीर का कैप्शन था “यूनाइटेड कलर्स ऑफ राजस्थान”। तस्वीर में राहुल के एक तरह अशोक गहलोत तो दूसरी तरफ सचिन पायलट थे। तस्वीर में तीनों की मुद्राएं और भाव भंगिमाएं देख लोग सीएम कौन बनेगा की पहेली सुलझाने में जुट गए।
कांग्रेस की सरकार बनने के बाद गहलोत और राजे साथ
2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद शपथ ग्रहण में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे आईं। इस दौरान राजे और गहलोत साथ नजर आए। दोनों की जो तस्वीर आई वो एक दूसरे के प्रति सम्मान को दर्शा रही थी। उस तस्वीर की चर्चाएं आज भी हैं। खासतौर से जब राजे का बंगला बरकरार रखने के लिए राजस्थान सरकार हाईकोर्ट गई तो इस पर चर्चाएं और तेज हो गईं।
जब पायलट ने की बगावत
राजस्थान में सरकार बने डेढ़ साल ही हुआ था। डिप्टी सीएम सचिन पायलट के अपने समर्थकों के साथ मानेसर जाने की सूचना आई। एमपी में सरकार गिरने के 3 महीने बाद ही ये खबर आई तो देशभर में राजनीतिक भूचाल आ गया। गहलोत और पायलट खेमों के साथ कितने विधायक हैं, इसपर बात होने लगी तो विश्नेंद्र सिंह ने एक फोटो ट्वीट की। इसमें पायलट खेमे के विधायक मानेसर के होटल में बैठे नजर आए।
कोरोना काल की अर्जुनराम मेघवाल की यह चर्चित तस्वीर
कोरोना काल में पापड़ के पैकेट हाथ में लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल (Rajasthan Politics) की यह तस्वीर काफी चर्चित रही। मेघवाल का वीडियो सामने आया, जिसमें वह हाथ में भाभीजी पापड़ लिए हुए थे। इसमें मेघवाल भाभीजी पापड़ को एंटीबायोटिक बताते नजर आए। इसके बाद मेघवाल काफी ट्रोल हुए थे। हाल ही में जब वे कानून मंत्री बने तब भी कई लोग भाभीजी पापड़ का जिक्र करते नजर आए।
जब फिर से एक हुए पायलट-गहलोत
मानेसर एपिसोड के बाद कांग्रेस जैसे-तैसे पायलट और गहलोत को एक करने में सफल रही। मगर इसके बावजूद दोनों के बीच मनमुटाव जगजाहिर रहा। ऐसे में लगभग साल भर बाद वल्लभनगर के उपचुनाव में तत्कालीन प्रभारी अजय माकन ने फोटो ट्वीट की, जिसमें हेलिकॉप्टर में माकन और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ अशोक गहलोत और पायलट नजर आए। इसी दौरान वल्लभनगर में पायलट गाड़ी ड्राइव करते नजर आए। उनकी बगल वाली सीट पर सीएम अशोक गहलोत भी बैठे थे। इस तस्वीर के बाद माना गया कि अब गहलोत और पायलट में सुलह हो गई है। क्योंकि ऐसी ही कुछ तस्वीरें विधानसभा चुनाव से पहले भी नजर आई थीं।
सोनिया गांधी- कांग्रेस की प्रभावशाली नेता
9 साल बाद कांग्रेस का चिंतन शिविर हुआ। राजस्थान के उदयपुर में हुए इस शिविर को लेकर कहा गया कि कांग्रेस अब रिवाइव होगी। सोनिया गांधी के भाषण ने कई तरह के मैसेज दिए। इस तस्वीर से साफ है कि राजनीति से रिटायरमेंट के बावजूद सोनिया गांधी कांग्रेस की सबसे प्रभावशाली नेता के रूप में हैं।
2022 में दिखी अशोक गहलोत की राजनीतिक कुशलता
2022 का राज्यसभा चुनाव अशोक गहलोत की राजनीतिक (Rajasthan Politics) कुशलता के लिए जाना गया। तमाम गुटबाजी और सुभाष चंद्रा जैसा मजबूत कैंडिडेट खड़ा करने के बावजूद गहलोत इस चुनाव में 3 कांग्रेसी सांसदों को जिता ले गए। इसके लिए गहलोत ने उदयपुर के ताज अरावली होटल में विधायकों की बाड़ेबंदी की।
जब सीएम को पद से हटाए जाने के विरोध में 80 विधायकों ने दिए इस्तीफे
यह राजस्थान के राजनीतिक इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तस्वीरों में से एक बनी। 25 सितंबर 2022 को गहलोत को सीएम पद से हटाए जाने के विरोध में 80 से ज्यादा विधायकों ने इस्तीफे दे दिए। तस्वीर में शांति धारीवाल, महेश जोशी, महेंद्र चौधरी, संयम लोढ़ा सहित कई विधायक और मंत्री नजर आ रहे हैं।
क्या है डॉक्युमेंट की कहानी
अशोक गहलोत का यह फोटो बेहद खास था। प्रेशर पॉलिटिक्स के एपिसोड के बाद जब गहलोत सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे तो उनके हाथ में एक डॉक्युमेंट नजर आया। डॉक्युमेंट को गहनता से डीकोड किया तो उसके कई मायने निकले। तभी लग गया था कि सचिन पायलट के लिए अब भी आगे का रास्ता आसान नहीं होगा।
मोदी का घुटनों के बल झुककर अभिवादन
25 सितंबर के एपिसोड के ठीक 5 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आबूरोड आए। यहां मानपुर हवाई पट्टी पर उनका कार्यक्रम था। मगर यहां पहुंचते पहुंचते उन्हें 10 बज गए। ऐसे में नियमों का हवाला देते हुए मोदी ने भाषण देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मोदी ने लोगों के सामने घुटनों के बल झुककर अभिवादन किया।
पूनिया ने अकेले निकाली यात्रा
बीजेपी में नेताओं के बीच आपसी खींचतान को उस समय और भी ज्यादा बढ़ावा मिला, जब प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया को अपनी 13 किलोमीटर की यात्रा अकेले करनी पड़ी। रामदेवरा की यह यात्रा पूनिया ने अकेले की। इससे पहले इसमें बीजेपी के कई नेताओं के शामिल होने का प्लान था।
वसुंधरा राजे का शक्ति प्रदर्शन
2018 में चुनाव हारने के बाद से वसुंधरा राजे बहुत ज्यादा सक्रिय नहीं थीं। मगर 2022 के अंत में राजे सक्रिय हुईं। उन्होंने बीकानेर और चूरू में बड़ी सभाएं कीं। उनकी सभाओं में आई भीड़ और राजे के शक्ति प्रदर्शन की इस तस्वीर ने राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी।
रीट पेपरलीक का विरोध
रीट पेपरलीक मामले के विरोध में बीजेपी ने जयपुर में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने की। पुलिस ने पूनिया को रोकने के लिए बैरिकेड्स, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पूनिया को इस दौरान पैर में गंभीर चोटें आईं। विपक्ष की ताकत की यह तस्वीर काफी चर्चित रही।
भारत जोड़ो यात्रा से पहले इस तस्वीर पर विवाद
राहुल गांधी की राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा से पहले गुर्जरों के प्रभावशाली नेता रहे किरोड़ी बैंसला के बेटे विजय बैंसला ने राहुल को राजस्थान में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी। इसी बीच गहलोत के खास धर्मेद्र राठौड़ के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीरें सामने आईं। ऐसे में इस तस्वीर ने कई सवाल खड़े किए। पायलट खेमे ने भी आरोप लगाए। मगर घटनाक्रम उन दिनों का राजनीतिक घटनाक्रम जिस तरह हुआ, इस तस्वीर ने उसे स्पष्ट कर दिया।
भारत जोड़ो यात्रा में कई तस्वीरें बनीं चर्चित
राजस्थान कांग्रेस में तमाम असंतुष्टि के बीच भारत जोड़ो यात्रा हुई। यात्रा में पायलट और गहलोत दोनों चले। यात्रा में कई तस्वीरें सामने आईं। गहलोत और पायलट यात्रा में अलग-अलग राहुल गांधी के साथ यात्रा में चले। यात्रा जब पूरी हुई तो राहुल गांधी यात्रा पूरी होने के बाद गहलोत और पायलट को गले लगाते दिखे। इस दौरान गहलोत और पायलट भी आपस में मिले। दोनों की हाथ जोड़ते हुए तस्वीर भी सामने आईं।
बीजेपी नेताओं की मुस्कुराती तस्वीर
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के दिसंबर 2022 में जयपुर आने पर उनके स्वागत में पार्टी के तमाम नेता पहुंचे। इस दौरान स्वागत से पहले की तस्वीरें सामने आईं। इसमें वसुंधरा राजे, गजेंद्र सिंह शेखावत, राजेंद्र राठौड़ और गुलाबचंद कटारिया आपस में हंसी-मजाक करते दिखे। हंसी मजाक के बीच नेताओं की बातचीत और चेहरे के भाव काफी कुछ बयां कर रहे थे।
कार्यक्रम जिसके बाद फिर पोस्टर्स में दिखीं राजे
इस साल फरवरी में जयपुर आए आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के कार्यक्रम से निकली यह तस्वीर यूं बेहद साधारण है मगर काफी कुछ बयां करती है। तस्वीर तब की है जब तक राजे बीजेपी के पोस्टर्स में दिखाई नहीं देती थीं। मगर इस कार्यक्रम में जिस तरह का महत्व होसबोले ने राजे को दिया, उसका असर ये हुआ कि इस कार्यक्रम के बाद बीजेपी के पोस्टर्स पर राजे एक बार फिर लौट आईं।
मोदी और गहलोत
दौसा में एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी दौसा आए मगर गहलोत से मुलाकात नहीं हुई। उसी शाम एयरपोर्ट पर सीएम गहलोत और राज्यपाल कलराज मिश्र ने पीएम मोदी को विदाई दी। एयरपोर्ट पर मोदी और गहलोत की मुस्कुराते हुए तस्वीर सामने आई। तस्वीर से एक बार फिर गहलोत और मोदी के बीच की दोस्ती और सम्मान उभर आया।
जब पढ़ दिया पुराना बजट...
किसी भी सरकार के इतिहास में शायद यह पहली घटना थी, जिसमें सीएम ने पुराना बजट पढ़ा हो। अपने सबसे महत्वाकांक्षी बजट को पढ़ते हुए सीएम ने शायद नहीं सोचा होगा कि वह पुराना बजट पढ़ देंगे। इसी दौरान जब मंत्री महेश जोशी ने उन्हें बताया तो सीएम के चेहरे के हाव-भाव काफी कुछ बयां कर रहे थे। बजट से निकली ये तस्वीर इतिहास में एक अनोखी घटना बन गई।
राजे ने दी कटारिया को बधाई
बीजेपी में गुटबाजी के बीच जब वरिष्ठ नेता गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल नियुक्त किया गया तो पार्टी में एकता की नई तस्वीर सामने आई। इस दौरान तमाम नेता कटारिया को बधाई देने पहुंचे। इस दौरान राजे और कटारिया की गजब की केमेस्ट्री सामने आई। इसके कुछ समय बाद राजे ने असम जाकर कटारिया से मुलाकात भी की
वीरांगनाओं के लिए मांगा न्याय
वीरांगनाओं को न्याय दिलाने का मुद्दा राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल (Rajasthan Politics) मीणा ने खूब उठाया। इस दौरान कई दिनों तक मीणा हड़ताल पर थे। आंदोलन के दौरान सड़क पर टेंट में सोते किरोड़ीलाल और एक गार्जियन की तरह वीरांगनाओं से गले मिलते मीणा की तस्वीरें काफी चर्चित रही।
फिर यूनाइटेड कलर्स ऑफ राजस्थान!
25 सितंबर का एपिसोड और फिर सचिन पायलट के भ्रष्टाचार के मसले पर अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन और यात्रा करने के बाद कांग्रेस ने इस मसले को सुलझाने का जिम्मा केसी वेणुगोपाल को सौंपा। पायलट और गहलोत के साथ बैठक खत्म हुई और पीसीसी चीफ डोटासरा ने एक बार फिर वही फोटो उसी कैप्शन के साथ डाला,जिसमें लिखा था यूनाइटेड कलर्स ऑफ राजस्थान। इसी के कुछ देर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी पायलट और गहलोत साथ नजर आए। मगर तस्वीर में दिख रहे दोनों के चेहरों के भाव यह बताने के लिए काफी थे कि अभी सबकुछ ठीक नहीं हुआ है।
पायलट और खाचरियावास से मुलाकात
25 सितंबर के एपिसोड के बाद सचिन पायलट की मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से मुलाकात हुई। इस तस्वीर ने कई किस्सों को जन्म दिया। क्योंकि मानेसर एपिसोड के बाद से पायलट को लेकर खाचरियावास ने कई बयान दिए थे।
बेनीवाल की बेटी के जन्मदिन पर जब पहुंचे केजरीवाल
आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल की बेटी के जन्मदिन पर आई तस्वीरें भी बेहद चर्चित थीं। दिल्ली में बेनीवाल की इस पार्टी में आप प्रमुख अरविदं केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान भी पहुंचे।
उदयपुर में अमित शाह की सभा की सबसे चर्चित तस्वीर
उदयपुर में अमित शाह की सभा में शाह का राजे को भाषण के लिए बुलाना राजनीति की सबसे चर्चित घटनाओं में रही। नेता प्रतिपक्ष राठौड़ ने जब भाषण के लिए सीधे शाह का नाम लिया तो शाह ने टोका और राजे को भाषण करवाने का कहा। इस दौरान शाह हाथ राजे को हाथ जोड़कर कुछ कहते नजर आए।
जब दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक
राजस्थान के मसलों पर निर्णय लेने के लिए दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई। अंगूठों में चोट के कारण सीएम गहलोत इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए। सचिन पायलट शामिल हुए मगर गहलोत वीसी के माध्यम से जुड़े।
15वीं विधानसभा में गुढ़ा की लाल डायरी पर सियासत
15वीं विधानसभा के अंतिम दिनों में सामने आई ये तस्वीर भी राजस्थान की सियासी गैलेरी में महत्वपूर्ण बन गई। मंत्री पद से बर्खास्त होने के बाद राजेंद्र गुढ़ा विधानसभा में लाल डायरी लेकर आए। इस दौरान डायरी को लेकर उनकी स्पीकर से बहस हो गई। इस दौरान गुढ़ा ने मंत्री धारीवाल का माइक भी नीचे कर दिया।