Jaipur: RAS अफसरों के तबादलों पर सियासी बवाल (Rajasthan) शुरू हो गया है। दरअसल, सचिन पायलट समर्थक विधायक मुकेश भाकर ने लाडनूं एसडीएम बनाए गए कार्तिकेय मीणा को भ्रष्ट अफसर बताते हुए सरकार और सीएम के विशेषाधिकारी (ओएसडी) पर सवाल उठाए हैं। बता दें कि कार्तिकेय मीणा का तबादला बूंदी के तालेड़ा से नागौर के लाडनूं एसडीएम पद पर किया है। ट्रांसफर लिस्ट आने के कुछ ही घंटे बाद मुकेश भाकर ने ट्वीट करके एसडीएम और सीएम के ओएसडी पर निशाना साधा।
भाकर ने कार्तिकेय मीणा का पुराना वीडियो ट्वीट करते हुए लिखी ये बात
भाकर ने कार्तिकेय मीणा का पुराना वीडियो ट्वीट करते हुए सीएम के ओएसडी पर तंज किया। भाकर ने लिखा- मैं मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी देवाराम सैनी का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने नागौर जिले के लाडनूं में तहसीलदार और एसडीएम रहते हुए जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिसका आचरण आप इस वीडियो से देख सकते हैं, उन्हें लाडनूं में एसडीएम लगाया है। मैं लाडनूं की जनता को सचेत करना चाहता हूं कि इनसे बचकर रहें और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार, इनकी तरफ से होने वाली अभद्रता को तुरंत सार्वजनिक करें।
सरकार की छवि खराब होगी: भाकर
मुकेश भाकर ने मीडिया से बातचीत में कहा- जिस अफसर (Rajasthan) को एसडीएम लगाया है उस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। इस अफसर ने तहसीलदार रहते हुए सरकारी जमीन को निजी व्यक्ति के खाते में दर्ज कर दिया। पीडब्ल्यूडी की जमीन को निजी व्यक्ति के नाम कर दिया। उसकी एसीबी में शिकायत हुई। भ्रष्टाचार के आराेपों के कारण जिस अफसर को पहले तहसीलदार रहते हटाया गया था, उसे फिर से एसडीएम लगाने पर जनता में भारी आक्रोश है। इससे जनता के बीच सरकार की छवि खराब हो रही है। इससे सरकार के खिलाफ मैसेज जाएगा।
कार्तिकेय 2021 में तहसीलदार से प्रमोट होकर बने थे आरएसस
बता दें कि कार्तिकेय मीणा पहले तहसीलदार (Rajasthan) थे। मार्च 2021 में कार्तिकेय तहसीलदार से प्रमोट होकर आरएसस बने थे। कार्तिकेय अप्रैल 2019 में लाडनूं तहसीलदार नियुक्त किए गए थे। साल भर वे लाडनूं रहे। उस दौरान भी डॉक्टरों पर कमेंट करने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद 2020 में उनका लाडनूं से तबादला हो गया। आरएएस में प्रमोट होने के बाद 11 जून 2021 में उन्हें डीडवाना एसडीएम के तौर पर पहली पोस्टिंग दी गई।