Jaipur: जैसे-जैसे राजस्थान में विधानसभा चुनाव (Rajasthan) नजदीक आते जा रहें हैं, वैसे ही सियासत का पारा चढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में राजनेता अपने-अपने वोटरों को साधने में जुट गए हैं। इस बीच बीकानेर के कोलायत से आने वाले बीजेपी के पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने बीजेपी में सीएम के चेहरे पर बड़ा बयान दे दिया है। देवीसिंह ने आजतक से खास बातचीत में कहा कि बीजेपी में वसुंधरा राजे को सीएम का चेहरा घोषित नहीं किया जाता तो आने वाले दिनों में मैं तीसरा मोर्चा खड़ा करूंगा। यह तीसरा मोर्चा राजस्थान की अलग-विधानसभाओं में अपना दम खम दिखाएगा।
वसुंधरा समर्थकों से कर रहे मुलाकात
देवीसिंह भाटी इन दिनों मारवाड़ समेत राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में जाकर वसुंधरा समर्थकों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी मंशा जानने की कोशिश कर रहे हैंइसी कड़ी में जब भाटी बाड़मेर दौरे पर पहुंचे तो उन्होंने बीजेपी को खरी-खरी सुनाया। देवी सिंह भाटी वसुंधरा राजे के बेहद करीबी हैं। 1980 से लगातार सात बार विधायक रहे हैं। भाटी तीन बार मंत्री भी रह चुके हैं।
भाटी ने कह दी ये बड़ी बात
भाटी ने कहा कि पार्टी जिस तरह से मास लीडर और स्थानीय नेताओं (Rajasthan) को साइड लाइन कर रही है। ये बीजेपी के लिए ठीक नहीं है। इसी वजह से बीजेपी को एक-एक कर राज्यों में हार का सामना करना पड़ रहा है। भाटी ने कहा कि राजस्थान में वसुंधरा राजे के मुकाबले ऐसा कोई चेहरा नहीं जो बीजेपी की सत्ता वापसी करवा सके। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में भी वसुंधरा राजे को हराने के लिए 'मोदी तुझसे बैर नहीं, वसुंधरा तेरी खैर नहीं' का नारा देकर भीतरघात किया गया था।
कमजोर महसूस करेंगे तो गठबंधन करेंगे
हनुमान बेनीवाल की पार्टी से गठबंधन के सवाल पर भाटी ने कहा कि वसुंधरा को चेहरा नहीं बनाए जाने की स्थिति में उनके समर्थक और हम मिलकर तीसरा मोर्चा बनाएंगे। मजबूती के साथ प्रचार करेंगे, कमजोर होने की स्थिति में ही किसी पार्टी से गठबंधन करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किसी छोटे प्रदर्शन में ट्वीट करना सम्मानजनक नहीं है।
"बीजेपी मास लीडरों और नेताओं को किनारे कर रही"
देवीसिंह भाटी ने कहा कि बीजेपी मास लीडरों और नेताओं को (Rajasthan) किनारे कर रही है। यही वजह है कि बीजेपी की जन आक्रोश यात्रा हो या नहीं सहेगा राजस्थान अभियान, कहीं भी भीड़ नहीं जुट पा रही है। उन्होंने कहा कि जयपुर में नहीं सहेगा राजस्थान प्रदर्शन के दौरान अगर देश के प्रधानमंत्री भीड़ जुटने को लेकर ट्वीट करते हैं तो यह सम्मानजनक स्थिति नहीं है। भाटी ने कहा कि हम पार्टी के हितैषी हैं और पार्टी का बुरा नहीं चाहते, लेकिन कुछ नेता मास लीडर्स को किनारे कर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं।
वसुंधरा राजे के करीबी नेताओं में से एक है भाटी
देवीसिंह भाटी को वसुंधरा राजे के करीबी नेताओं में से एक है। पिछले लोकसभा चुनाव में अर्जुन मेघवाल को टिकट दिए जाने से नाराज भाटी ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया र्जुन मेघवाल से नाराजगी के सवाल पर भाटी ने कहा कि मेघवाल की कार्यशैली से मेरी उनसे नहीं बनती।