कोलकाता डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम की चयन समिति में बड़ा बदलाव हुआ है। अजित अगरकर के चीफ सेलेक्टर पद से हटने के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को चार सदस्यीय चयन समिति का अंतरिम प्रमुख बनाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, ओझा को फिलहाल यह जिम्मेदारी दी गई है और आगे उन्हें पूर्णकालिक चीफ सेलेक्टर बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
गुवाहाटी में गंभीर के साथ हुई अहम बैठक
प्रज्ञान ओझा ने नई भूमिका में काम भी शुरू कर दिया है। मंगलवार को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के सदस्यों के बीच लंबी बैठक हुई। इस दौरान शिव सुंदर दास, अजय रात्रा, आर.पी. सिंह और प्रज्ञान ओझा मौजूद थे, जबकि अजित अगरकर बैठक में शामिल नहीं हुए।
न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम चयन की जिम्मेदारी
चयन समिति के सामने अब भारत के आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए अलग-अलग प्रारूपों की टीम चुनने की चुनौती है। भारत को इस दौरे पर पांच टी-20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलने हैं। इसके साथ ही इंडिया ए टीम के तीन टेस्ट मैचों के लिए भी खिलाड़ियों का चयन किया जाना है।
22 अक्टूबर से शुरू होगा न्यूजीलैंड दौरा
भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होगा और 27 नवंबर तक चलेगा। शुरुआत पांच मैचों की टी-20 सीरीज से होगी। इसके बाद 4 नवंबर से पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। दौरे का समापन दो टेस्ट मैचों के साथ होगा, जिनमें पहला टेस्ट 19 नवंबर से वेलिंगटन में खेला जाएगा।
वनडे और टेस्ट शेड्यूल से बढ़ेगी चयनकर्ताओं की चुनौती
न्यूजीलैंड दौरे के कार्यक्रम में वनडे और टेस्ट मैचों के बीच काफी कम अंतर है। भारत का आखिरी वनडे 15 नवंबर को होना है, जबकि पहला टेस्ट 19 नवंबर से शुरू होगा। ऐसे में दोनों टीमों में शामिल खिलाड़ियों के कार्यभार और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं को टीम संयोजन पर फैसला करना होगा।
24 टेस्ट खेल चुके हैं प्रज्ञान ओझा
प्रज्ञान ओझा भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक योगदान दिया है। अब चयन समिति की अंतरिम कमान मिलने के बाद उनके सामने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच खिलाड़ियों के चयन से जुड़े अहम फैसले लेने की जिम्मेदारी होगी।
2027 वनडे विश्व कप की तैयारी भी अहम
न्यूजीलैंड दौरे को भारतीय टीम की 2027 वनडे विश्व कप तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को अलग-अलग प्रारूपों के लिए खिलाड़ियों के संयोजन के साथ-साथ उनके वर्कलोड और उपलब्धता पर भी नजर रखनी होगी।