लंदन/मैच रिपोर्ट: मिकेल आर्र्तेता की आर्सेनल ने मंगलवार रात फुटबॉल की दुनिया में तहलका मचा दिया। चैंपियंस लीग के रोमांचक सेमीफाइनल के दूसरे चरण में आर्सेनल ने एटलेटिको मैड्रिड को 1-0 से मात दी। दोनों चरणों (एग्रीगेट) के स्कोर के आधार पर आर्सेनल ने 2-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ ही आर्सेनल ने पहली बार खिताब जीतने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।
बुकायो साका का निर्णायक गोल
मैच का इकलौता और सबसे कीमती गोल बुकायो साका ने 44वें मिनट में किया। साका के इस शानदार प्रहार ने स्टेडियम में मौजूद गनर्स के समर्थकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, पूरे मैच के दौरान रेफरी के कई फैसलों पर विवाद भी हुआ।
पेनल्टी को लेकर गरमाया माहौल
मैच के 51वें मिनट में तब विवाद खड़ा हो गया जब एटलेटिको के जूलियानो सिमियोने को बॉक्स के भीतर गैब्रियल ने पीछे से धक्का दिया। एटलेटिको के कोच डिएगो सिमियोने ने पेनल्टी की जोरदार मांग की, लेकिन जर्मन रेफरी डेनियल सीबर्ट ने वीडियो रिव्यू के बाद भी पेनल्टी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद एंटोनी ग्रिज़मैन को गिराए जाने पर भी रेफरी ने फाउल नहीं दिया, जिससे एटलेटिको खेमे में काफी नाराजगी देखी गई।
आर्सेनल का ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड
फाइनल में पहुंचने के साथ ही आर्सेनल ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जो फुटबॉल इतिहास की किसी भी टीम के पास नहीं है। आर्सेनल दुनिया की पहली ऐसी टीम बन गई है जिसने एक ही चैंपियंस लीग सीजन में 14 या उससे अधिक मैच खेले हैं और एक में भी हार का सामना नहीं किया है। अब आर्र्तेता की टीम के पास अपराजित रहकर ट्रॉफी उठाने का सुनहरा मौका है।एटलेटिको मैड्रिड का पहली बार चैंपियंस लीग जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है, जबकि आर्सेनल अब इतिहास रचने से महज एक कदम दूर है।