नई दिल्ली - इंग्लैंड दौरे पर लगातार तीन पारियों में संघर्ष करने के बाद भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार वापसी की। हरारे में खेले गए मैच में महज 15 साल की उम्र में उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पहला अर्धशतक जड़ दिया और कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

18 गेंदों में जड़ा तूफानी अर्धशतक
वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी इस धमाकेदार पारी में 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में रखा और भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाई।
बन गए सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज
इस अर्धशतक के साथ वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने 15 साल 118 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया और दुनिया के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड नेपाल के कुशल मल्ला के नाम था, जिन्होंने 15 साल 340 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला अर्धशतक लगाया था। वैभव ने यह रिकॉर्ड 200 से अधिक दिनों के अंतर से अपने नाम कर लिया।
इंग्लैंड में मिली नाकामी के बाद दमदार वापसी
वैभव इंग्लैंड दौरे पर लगातार तीन पारियों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे थे, जिसके बाद उनके प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दिखा दिया कि उनमें बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता है। उनकी निडर बल्लेबाजी और आत्मविश्वास ने क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों को काफी प्रभावित किया। यह पारी भारतीय टीम के लिए भी बेहद अहम साबित हुई क्योंकि तेज शुरुआत की बदौलत टीम ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
भारतीय क्रिकेट को मिला नया सितारा
वैभव सूर्यवंशी की इस ऐतिहासिक पारी को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड बनाने वाले वैभव ने यह साबित कर दिया है कि उनमें लंबे समय तक भारतीय टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालने की क्षमता है। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें दुनिया के उभरते हुए सबसे प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटरों की सूची में शामिल कर दिया है।